
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्यमंत्री अजय टम्टा कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ठाकुर के आमरण अनशन पर गोलमोल जवाब देकर विधायक को सलाह देकर चले गए। मंडी दौरे के दौरान जब मीडिया ने उनसे विधायक के आमरण अनशन पर सवाल पूछा तो केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि आपदा की स्थिति में एक चुने हुए जनप्रतिनिधि को जनता के बीच में होना चाहिए। इस दौरान आपदा प्रबंधन अधिनियम भी लागू रहता है और उन्हें ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए। यदि किसी की कोई समस्या या शिकायत है तो उसका समाधान बाद में भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी आपदा आई है और एक चुने हुए जनप्रतिनिधि के नाते वे भी जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। अजय टम्टा ने स्पष्ट कहा कि यह उनके विचार हैं और उनकी पार्टी का अनुशासन भी यही कहता है। किसी दूसरे व्यक्ति के विचार कुछ और हो सकते हैं।
वहीं सोमवार यानी 8 सितंबर को रात 10:00 बजे से आमरण अनशन पर बैठे धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर की मांगों को अभी तक नहीं माना गया है। आज उनके अनशन का सातवां दिन है। रोजाना उनके आमरण अनशन पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। धर्मपुर क्षेत्र के साथ ही साथ लगते इलाकों के लोगों का भी उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है। विधायक के स्वास्थ्य में भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। अब उन्हें डॉक्टरों ने ग्लूकोज लगा दिया है। लेकिन अभी तक केंद्र सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना है। विधायक की मांग है कि मंडी से जालंधर वाया धर्मपुर हाईवे के निर्माण में तैनात प्रोजेक्ट निदेशक को बदला जाए।
