
नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सराज में एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कांग्रेस सरकार ने राहत कार्यों के लिए महज दो करोड़ रुपये दिए हैं। सोमवार को सदन में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान पर लाए स्थगन प्रस्ताव पर बोलते हुए नेता विपक्ष ने कहा कि सत्ता के संरक्षित नेताओं ने आपदा को अवसर बनाया है। डेढ़ माह बाद भी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पानी और सड़कें ठप होने से सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कुछ स्थानीय कांग्रेस नेताओं पर नेता विपक्ष ने भ्रष्टाचार की सारी सीमाएं लांघने का आरोप भी लगाया। उन्होंने आपदा प्रभावितों के लिए अस्थायी शेल्टर बनाने और मूलभूत सुविधाओं की बहाली को युद्धस्तर पर काम करने की मांग उठाई।
नेता विपक्ष ने कहा कि भाजपा और प्रदेश के विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से भेजी राहत सामग्री को भी सरकार ने हथियाना चाहा। हमारी पार्टी और प्रदेश के लोग जो राहत सामग्री ला रहे थे उन्हें सरकार की ओर से संरक्षित अधिकारियों ने नाका लगवाकर एसडीएम और तहसीलदार को देने के लिए दबाव बनाया। सरकार अगर खुद कुछ नहीं कर सकती तो जो लोग कर रहे हैं, उन्हें करने देती। जो राशन सरकार ने हेलीकॉप्टर से भेजा, वह मुख्यमंत्री के चहेते कांग्रेसी नेता के घर गया। 20 से ज्यादा जेसीबी मशीनें लगाकर हमने रास्ते खोले। सरकार कुछ मशीनें लगाकर संख्या बताती है कि हमने इतनी मशीनें लगाई हैं। सवाल यह नहीं है कि सरकार ने कितनी मशीनें लगाई हैं?
सवाल यह है की कितनी मशीनें लगाई जानी चाहिए थी, जिससे कि समय फिर रास्ता खुल जाए। नेता विपक्ष ने कहा कि जो रास्ते हमने लोगों से मशीनें मांगकर खोले हैं, आज कांग्रेस के नेता कहते हैं कि उन सड़कों का काम निकालो और टेंडर हमारे नाम पर बना कर उसका पैसा हमें दे दो। उन्होंने कहा कि अपात्र लोगों को राहत राशि दी गई है। कुछ अफसर सरकार को गुमराह कर रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से दी गई धनराशि का दुरुपयोग हो रहा है।
जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए मुझे और प्रो. प्रेमकुमार धूमल को भी काले झंडे दिखाए गए थे। हमारी सरकारों ने कभी भी ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं करवाई। वर्तमान सरकार की सोच निम्न स्तर पर पहुंच गई है। जयराम ने कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया की ओर से एक पुल के क्षतिग्रस्त होने पर मुख्यमंत्री को की गई वीडियो कॉल पर भी तंज कसा। कहा कि विधायक ने मुख्यमंत्री को स्थिति से अवगत करवाते ही दस लाख रुपये की घोषणा करवा दी। यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है। जयराम ने कहा कि अगर ऐसे राशि जारी होती है तो मैं भी वीडियो कॉल कर दूंगा। इसको लेकर सदन में खूब ठहाके लगे।
राजस्व विभाग में होने वाली 874 पटवारियों की भर्ती राज्य कैडर के अनुसार भर्ती एवं पदोन्नति नियम अधिसूचित होने के बाद होगी। सोमवार को विधानसभा में धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा के प्रश्न के लिखित उत्तर में राजस्व मंत्री ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल ने पटवारियों की भर्ती स्टेट कैडर के आधार पर करने का निर्णय लिया है। स्टेट कैडर से पहले पटवारियों की भर्ती मोहाल और भू-व्यवस्था विभाग के भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत होती थी अब इनमें संशोधन की प्रक्रिया चल रही है। विधि विभाग के अनुमोदन के बाद इन पदों को भरने के लिए राज्य चयन आयोग को भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए प्रदेश सरकार 26 नई एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस खरीदेगी। इंदौरा से विधायक मलेंद्र राजन के सवाल के लिखित जवाब में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने यह जानकारी दी। इसके अलावा 290 नई आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति भी की जा रही है। सरकार इसी साल पेलिएटिव व वृद्धजन देखभाल योजना भी लागू करने जा रही है। 38 शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों, 73 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, 12 इंटीग्रेटिड पब्लिक हेल्थ लैब, 14 क्रिटिकल केयर ब्लॉक की स्थापना प्रस्तावित है। प्रदेश के लोगों के हित में सरकार ने हिमकेयर योजना में कई बदलाव किए हैं।
केंद्री सरकार की ओर से प्रशासनिक मद में जारी होने वाले बजट में कमी के कारण ग्राम रोजगार सेवकों को महंगाई भत्ता और वेतन वृद्धि को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से योजना के तहत वार्षिक लक्ष्य बढ़ाने का आग्रह किया है। यदि केंद्र सरकार पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाती है तो महंगाई भत्ता और वेतन वृद्धि पर विचार किया जाएगा। आनी से विधायक लोकेंद्र कुमार के प्रश्न के लिखित उत्तर में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री ने यह जानकारी दी।
