धर्मशाला। श्रावण मेलों के दौरान श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में श्रद्धालु अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं। सरायों के अभाव, खराब पड़ी सोलर लाइटों और मूलभूत सुविधाओं की कमी के मुद्दे बुधवार को धर्मशाला में जिला परिषद की त्रैमासिक बैठक में खूब गूंजे। बैठक में पार्षदों ने अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। पार्षदों ने प्रदेश सरकार की जॉब ट्रेनी पॉलिसी, बस किराये में वृद्धि और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी सवाल उठाए।

बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद चेयरमैन रमेश बराड़ ने की। बैठक में जिला परिषद वाइस चेयरमैन स्नेह लता परमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं एडीसी कांगड़ा विनय कुमार, जिला पंचायत अधिकारी विक्रम ठाकुर सहित जिला पार्षद और विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में पार्षद रविंद्र कुमार ने कहा कि श्री चामुंडा मंदिर परिसर में पहले श्रद्धालुओं के लिए सरायें थीं। इन्हें सौंदर्यीकरण के दौरान हटा दिया गया, लेकिन अब तक उनके स्थान पर नई सरायों का निर्माण नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल पर ठहरने की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।

रविंद्र कुमार ने प्रदेश में एचआरटीसी की बसों के किराये में वृद्धि और मणिमहेश यात्रा में वसूले जा रहे शुल्क पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बस किराया देश में सबसे अधिक है। सरकार आम जनता को राहत देने की बजाय निजी बस ऑपरेटरों को लाभ पहुंचा रही है। बैठक में पार्षदों ने प्रदेश सरकार की ट्रेनी पॉलिसी को युवा विरोधी बताया और इसे रद्द करने का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजने की मांग की।

बैठक में जिला मुख्यालय में डीसी कार्यालय परिसर के बाहर पार्किंग शुल्क को लेकर भी आपत्ति जताई गई। पार्षदों ने कहा कि महज पांच मिनट रुकने पर भी पूरा शुल्क लिया जा रहा है। इससे आम जनता को परेशानी हो रही है। पार्षदों ने कहा कि पार्किंग के शुल्क पर तत्काल पुनर्विचार की जरूरत है, ताकि लोगो को राहत मिले।

पार्षद रविंद्र कुमार ने झियोल पंचायत में खेल मैदान के लिए वर्ष 2022 में स्वीकृत 15 लाख रुपये की राशि का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। विभागीय अधिकारियों ने जल्द कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया।

जोगिंद्र सिंह ने खनियारा की मनूणी खड्ड में आई बाढ़ को विद्युत प्रोजेक्ट की लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने पूछा कि दो स्टोन क्रशर स्थापित होने के बावजूद खनन विभाग ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। बता दें कि बीते 25 जून को मूसलाधार बारिश के दौरान मनूणी खड्ड में बाढ़ आ गई थी। इसकी चपेट में प्रोजेक्ट के आठ कामगार आ गए थे, जिनमें से सात के शव बरामद हो गए थे, जबकि एक अभी भी लापता है।

बैठक में खराब सोलर लाइटों का मुद्दा भी छाया रहा। पार्षदों ने कहा कि जिला परिषद की निधि से लगाई गई लाइटें खराब पड़ी हैं और उनकी मरम्मत की जिम्मेदारी तय नहीं है। चेयरमैन रमेश बराड़ ने कहा कि ठेकेदार फोन तक नहीं उठाते। वाइस चेयरपर्सन स्नेह लता परमार ने बताया कि भारत-पाक तनाव के समय सोलर लाइटों पर लगाए गए काले कपड़े आज भी कई पंचायतों में नहीं हटे हैं। एडीसी विनय कुमार ने पंचायतों से लाइटों की जानकारी लेकर मरम्मत के निर्देश दिए।

पार्षद संजीव कुमार ने जुंगा देवी मंदिर के समीप बार-बार हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए डिवाइडर लगाने का प्रस्ताव रखा। संबंधित अधिकारी ने पहले प्रस्ताव न आने और फिर बजट न होने की बात कही, जिस पर पार्षद ने आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिकारी तथ्यों के आधार पर जवाब दें। एडीसी ने मौके का निरीक्षण करने और प्रस्ताव आने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। पार्षद ने जयसिंहपुर से लुधियाना, हरिद्वार, ब्यास के लिए एचआरटीसी बस सेवा का मामला भी उठाया। एचआरटीसी ने रूट की स्वीकृति के लिए पत्र लिखने की बात कही।

पुराने जिला परिषद हॉल की टाइलों के टूटने पर संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ठेकेदार से मरम्मत करवाई जा रही है। पार्षद जोगिंद्र सिंह ने जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय परिसर से लकड़ी और सरिया चोरी होने का मामला भी उठाया, जिसकी शिकायत चौकीदार ने की थी। पंचायत अधिकारी ने जांच का आश्वासन दिया।

पार्षद रविंद्र कुमार ने केरल और राजस्थान की जिला परिषदों की कार्यप्रणाली को आदर्श बताते हुए यहां भी लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि इन राज्यों में छोटे-छोटे कार्यों के सेल्फ नहीं डाले जाते, वहां 10 लाख रुपये तक की विस्तृत योजनाएं बनाई जाती हैं। वहां कार्यों में आय सृजन, पौधरोपण और सौंदर्यीकरण प्राथमिकता में रहते हैं। एडीसी विनय कुमार ने कहा कि इस तरह की पहल यहां भी होनी चाहिए। मगर यहां सोलर लाइटों के आगे ही नहीं बढ़ पाते हैं।