नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) के गैर-शिक्षण पदों के लिए मई में हुई भर्ती परीक्षा में सामने आए नकल के मामले में पुलिस ने पहला आरोपपत्र अदालत में दाखिल कर दिया है। इसमें पुलिस ने सात अभ्यर्थियों को आरोपी बनाया है। नकल के मामले में शिमला में पुलिस ने अलग-अलग पांच मामले दर्ज किए हैं और 40 अभ्यर्थियों को पकड़ा था। इनमें सभी आरोपी हरियाणा समेत दूसरे राज्यों से संबंध रखते हैं। जिस मामले में पुलिस ने चार्जशीट दायर की है, उसमें तीन आरोपियों को जमानत मिल चुकी है और चार आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

आने वाले दिनों में पुलिस मुख्य मास्टरमाइंड सहित विचौलियों को आरोपी बनाकर अनुपूरक आरोपपत्र अदालत में दाखिल करेगी। 18 मई को देशभर के नवोदय विद्यालयों में स्टेनोग्राफर, मेस हेल्पर, जेएसए, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स और अन्य विभिन्न गैर शिक्षण पदों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन हुआ था। शिमला में बनाए गए अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से पुलिस ने 40 अभ्यर्थियों को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से नकल करते हुए पकड़ा था और पांच-पांच अलग एफआईआर दर्ज की थी।

परीक्षा केंद्रों में पकड़े गए अभ्यर्थियों ने पूछताछ में खुलासा किया था कि उन्हें नकल करवाकर पास करवाने के लिए 4 से 12 लाख रुपये में सौदा हुआ था। इसमें कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा से पहले ही आधी रकम देने की बात भी कही है। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है कि नकल करवाने के लिए अभ्यर्थियों ने कितने पैसे दिए थे। इतने बड़े पैमाने पर नकल करवाने के मामले सामने आने के बाद पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे बड़े गिरोह का हाथ है।