साइबर अपराधी अब पुलिस के हाथों से नहीं बच पाएंगे। प्रदेश के हर पुलिस थाने में साइबर एक्सपर्ट की सेवाएं मिलेंगी। प्रदेश के सभी 158 थानों में साइबर डेस्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए प्रदेश पुलिस विभाग यह कदम उठाने जा रहा है। योजना के तहत प्रदेश के सभी थानों में एक साइबर एक्सपर्ट तैनात होगा, जो साइबर अपराध के मामलों को संभालेगा। साइबर एक्सपर्ट को 10 दिन का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रदेश पुलिस विभाग ने चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साइबर डेस्क के माध्यम से साइबर अपराधों पर तेजी से कार्रवाई कर दोषियों को पकड़ा जाएगा। साइबर अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने के लिए प्रदेश के सभी थानों को साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर से जोड़ा जाएगा।

यह केंद्र सूचनाओं के आदान-प्रदान और समन्वय के लिए एक नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगा। बीते 15 महीनों में हिमाचल पुलिस की सीआईडी शाखा के तहत साइबर क्राइम विंग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के आईसी (इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) के साथ जुड़कर 1930 डाटा सेंटर शुरू किया है। 24 घंटे संचालित हो रहे सेंटर से 100 फीसदी कॉल का जवाब दिया जा रहा है। सभी शिकायतें एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो) के पोर्टल पर अपलोड की जा रही हैं। हिमाचल साइबर पुलिस की रिकवरी प्रतिशतता भी 3 से बढ़कर 28 फीसदी पहुंच गई है। साइबर डेस्क की मदद से सभी थानों को साइबर स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इससे रियल टाइम कनेक्ट स्थापित कर थानों से सीधे शिकायतें एनसीआरबी के पोर्टल पर अपलोड होंगी।

  • बैंक कोऑर्डिनेशन सेंटर (बीसीसी) बैंक धोखाधड़ी के मामलों में समन्वय स्थापित कर कम किया जाएगा वित्तीय नुकसान
  • डाटा एनालिटिकल सेंटर (डीएसी) साइबर अपराधियों के काम करने के तरीके और पैटर्न का किया जाएगा विश्लेषण
  • आई क्रैक साइबर फॉरेंसिक लैब डिजिटल सबूतों की वैज्ञानिक जांच के लिए स्थापित
  • साइबर ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर- साइबर अपराधों से निपटने के लिए दिया जाएगा आधुनिक तकनीक और तरीकों का प्रशिक्षण
  • साइबर क्राइम रिस्पांस मिटिगेशन सेंटर (एचपी-सीआरएमसी) – साइबर हमलों को कम करने और भविष्य में होने वाले अपराधों को रोकने के लिए गठन
  • हिमाचल टीम अगेंस्ट साइबर क्राइम (हिमटेक) हिमाचल के लोगों को साइबर क्राइम को लेकर जागरूक करने के लिए गठन

प्रदेश के हर थाने में साइबर एक्सपर्ट की सेवाएं उपलब्ध करवाने की तैयारी की जा रही है। पहले चरण में 6 जिला कवर कर दिए गए हैं, बाकी बचे जिले जोड़ने के बाद औपचारिक तौर पर सेवा की शुरूआत की जाएगी। मोहित चावला, डीआईजी साइबर क्राइम, स्टेट सीआईडी