जिला में करोड़ों रुपये का होता है टमाटर का कारोबार

संवाद न्यूज एजेंसी

सोलन। भारी बारिश से जिला सोलन क्षेत्र के अधिकतर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की टमाटर और शिमला मिर्च की फसल खराब होने लग गई है। आलम यह है कि लगाई गई टमाटर की फसल में काले दाग और शिमला मिर्च में पत्ते गिर रह है। इससे रातोंरात में ही फसल तबाह हो रही है। किसानों की मानें तो इस बार टमाटर की फसल बहुत कम है। ऊपर से इसमें लगी बीमारी से फसल तबाह हो रही है। अब किसानों को अपनी फसल को बचाने की चिंता सताने लग गई है। जिला सोलन में सालाना करीब 40 से 50 करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। इस वर्ष सीजन की शुरुआत में टमाटर के उचित दाम न मिलने से किसान पहले से ही परेशान थे, वहीं अब दाम अच्छे मिलने लगे तो टमाटर में सड़न रोग ने रही कसर पूरी कर दी है। टमाटर में काला दाग की रोग पिछले चार साल से ही लगना शुरू हुआ है। इससे पहले इस तरह की बीमारी टमाटर में नहीं पाई जाती थी। उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक देवराज कश्यप ने बताया कि टमाटर में काले दाग की बीमारी रोकने को किसान पौधों से करीब 20 सेमी की ऊंचाई तक पत्तों को काट दें। यह रोग अधिक बारिश के बाद खेतों में पानी एकत्रित होने से लगता है। खेतों में पानी की निकासी का उचित प्रबंध करें। किसान रिडोमिल एमजेड फफूंदनाशक और इंडोफिल एम 45 प्लस सैंडोविट 40 ग्राम 15 मिली पानी के साथ समय-समय पर साफ मौसम में 7-10 दिन बाद छिड़काव करें। बारिश के बाद छिड़काव स्टीकर डालकर करना चाहिए।