
हिमाचल प्रदेश के पर्यटन नक्शे पर बिलासपुर को नए रूप में स्थापित करने की कवायद तेज हो गई है। भाखड़ा घाट से कोसरिया घाट तक वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की जिला प्रशासन तैयारी कर रहा है। इससे मां नयनादेवी मंदिर और शाहतलाई को जल मार्ग से जोड़ा जाएगा। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार की अध्यक्षता में मंडी भराड़ी से लेकर भाखड़ा बांध क्षेत्र तक संभावनाओं का निरीक्षण सोमवार को किया गया। निरीक्षण टीम में निदेशक मछली पालन विभाग विवेक चंदेल, सहायक आयुक्त नरेंद्र आहलूवालिया और जिला पर्यटन अधिकारी मंडी रजनीश शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान भाखड़ा घाट से कोसरिया घाट तक वाटर मेट्रो सेवा पर विशेष चर्चा हुई। उपायुक्त ने बताया कि इस परियोजना से यात्रियों के साथ-साथ वाहनों की भी आवाजाही संभव होगी। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रोमांचक अनुभव के साथ समय की भी बचत होगी। मंडी भराड़ी क्षेत्र में टीम ने प्रस्तावित वेसाइड एमेनिटीज और ग्लास ब्रिज स्थल का निरीक्षण किया। उपायुक्त ने बताया कि यह क्षेत्र शिमला, धर्मशाला, चंडीगढ़ और मनाली जैसे प्रमुख पर्यटक स्थलों को जोड़ता है। इसलिए यहां पर उच्च स्तरीय विश्राम कक्ष, खानपान, पार्किंग और सूचना केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि ग्लास ब्रिज का डीपीआर पर्यटन विभाग को भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान नकराणा क्षेत्र में वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं का भी आकलन किया गया। उपायुक्त ने कहा कि भाखड़ा का प्राकृतिक सौंदर्य, शांत जलधाराएं और पर्वतीय माहौल वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए इसे आदर्श स्थल बनाता है। उन्होंने कहा कि नयना देवी आने वाले श्रद्धालुओं को यहां जल क्रीड़ा का नया अनुभव मिलेगा। भाखड़ा दौरे के दौरान उपायुक्त ने नौकायन गतिविधियों में संलग्न स्थानीय लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि बिलासपुर को प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के पर्यटन मानचित्र पर लाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परियोजनाओं को जल्द धरातल पर उतारने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
