
हिमाचल प्रदेश में कई दिन लगातार बारिश के बाद शुक्रवार को माैसम तो खुल गया लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं। जगह-जगह भूस्खलन, बाढ़ से राज्य में सैकड़ों सड़कें, बिजली ट्रांसफार्मर व जल आपूर्ति योजनाएं ठप हैं। वहीं भरमाैर में फंसे मणिमहेश यात्रियों को शुक्रवार अल सुबह वायुसेना के दो चिनूक हेलिकाप्टर से चंबा पहुंचाने का कार्य शुरू हुआ। एक उड़ान के जरिये करीब 52 से 60 श्रद्धालुओं को निकाला गया। एनएचपीसी के करियां हेलीपैड में श्रद्धालुओं को पहुंचाया गया। हिमाचल में पहली बार आपदा के दौरान चिनूक का इस्तेमाल हुआ है। राजस्व मंत्री भी चाॅपर के जरिये भरमौर से चंबा पहुंचे। सीएम सुक्खू ने कहा कि फंसे श्रद्धालुओं का रेस्क्यू ऑपरेशन सुबह 6:30 बजे से शुरू हुआ। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ग्राउंड जीरो से निगरानी कर रहे हैं, जबकि वह खुद जिला प्रशासन से लगातार संपर्क में हें और आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
राजस्व मंत्री जगत नेगी ने चंबा में पत्रकार वार्ता में कहा कि दो चिनूक हेलिकाप्टर के जरिये प्रति उड़ान में 52 से 60 श्रद्धालुओं को चंबा लाया गया। आज मौसम साफ रहने के बाद कल तक सभी श्रद्धालुओं को एयरलिफ्ट किया जाएगा। कहा कि भरमौर उपमंडल में एचपीएमसी सी ग्रेड सेब खड़ामुख और गरोला में 12 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदेगा। चौबिया में हेलिकाप्टर से 35 भेड़पालकों तक राशन पहुंचाया गया। मणिमहेश यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए एसओपी तैयार होगी। लंगर समितियों से आगे से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
राज्य में शुक्रवार सुबह 10:00 बजे तक चार नेशनल हाईवे सहित 1,217 सड़कें ठप रहीं। इसके अतिरिक्त 1,868 बिजली ट्रांसफार्मर व 669 जल आपूर्ति योजनाएं भी बाधित हैं। चंबा जिले में 187, कुल्लू 230, मंडी 280, शिमला 261 व सिरमाैर में 70 सड़कें बंद हैं। चंबा जिले के पांच उपमंडलों में 120, शिमला के नाै उपमंडलों में 282, मंडी 78 व कुल्लू जिले में 63 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं शिमला जिले के रामपुर ज्यूरी के मगलाड में पहाड़ी से भारी चट्टानें गिरने से एनएच-5 यातायात के लिए बंद हो गया। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कुल्लू के इनर अखाड़ा बाजार में सर्च अभियान के दौरान तीन लोगों के शव क्षत विक्षत बरामद किए हैं। हालांकि, मलबे में दबी सुमन शर्मा का पूरा शव बरामद कर लिया गया है। जबकि साजिद अहमद वानी कश्मीर का एक हाथ का हिस्सा गायब है, शव का बाकी हिस्सा भी टुकड़ों में मिला है। एक अन्य राशिद के शरीर के कुछ हिस्से मिले हैं। मौके पर एनडीआरएफ, दमकल विभाग सहित अन्य रेस्क्यू दल सर्च अभियान में जुटे हैं। अभी भी तीन लोग मलबे में दबे हैं।
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कुछ भागों में 11 सितंबर तक बारिश का दाैर जारी रहने का पूर्वानुमान है। 8 व 9 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का येलो अलर्ट है। बीती रात को बग्गी (जिला मंडी) 61.3, करसोग 24.2, धौलाकुआं 18.0, बुंटार 16.0, जोत 14.2, गोहर, रामपुर और मनाली 13.0, नयना देवी 12.8, जोगिंद्रनगर 10.0, मंडी 8.6, केलांग और रोहड़ू 8.0, ऊना 7.4, अघार में 6.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सेना के एमआई-17 हेलिकाप्टर में जुब्बड़हट्टी से कुल्लू के भुंतर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। वह आपदा प्रभावितों को वितरित करने के लिए अपने साथ राशन भी लेकर गए। वह कुल्लू व मनाली में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लेंगे।
विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक मूसलाधार बारिश के बीच फिर धंस गया है। अब पट्टामोड़ के पास ट्रैक के आसपास काफी दरारें आ गई हैं। वर्ष 2023 की तरह ट्रैक को नुकसान होना शुरू हो गया है। पट्टामोड़ में कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच बनने के बाद से ट्रैक पर लगातार संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यहां पर कलवर्ट का सारा पानी ट्रैक की ओर मोड़ दिया गया है। इससे यहां पर पानी के साथ मलबा भी ट्रैक पर एकत्र हो जाता है। इसके अलावा टकसाल से तारादेवी रेलवे स्टेशन के बीच मलबा और पेड़ लाइन पर आए हैं। हालांकि, रेलवे बोर्ड की ओर से 5 सितंबर तक ट्रेनों को रदद किया है। अब हालात को देखते हुए आगामी दिनों तक ट्रेनें रद्द हो सकती हैं।
विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलवे ट्रैक मूसलाधार बारिश के बीच फिर धंस गया है। अब पट्टामोड़ के पास ट्रैक के आसपास काफी दरारें आ गई हैं। वर्ष 2023 की तरह ट्रैक को नुकसान होना शुरू हो गया है। पट्टामोड़ में कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच बनने के बाद से ट्रैक पर लगातार संकट के बादल मंडरा रहे हैं। यहां पर कलवर्ट का सारा पानी ट्रैक की ओर मोड़ दिया गया है। इससे यहां पर पानी के साथ मलबा भी ट्रैक पर एकत्र हो जाता है। इसके अलावा टकसाल से तारादेवी रेलवे स्टेशन के बीच मलबा और पेड़ लाइन पर आए हैं। हालांकि, रेलवे बोर्ड की ओर से 5 सितंबर तक ट्रेनों को रदद किया है। अब हालात को देखते हुए आगामी दिनों तक ट्रेनें रद्द हो सकती हैं।
