
भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। वहीं हिमाचल प्रदेश के मनाली की बेटी कल्पना ठाकुर ने हर साल की तरह अलेउ बिहाल में 17 साल के देवदार के पेड़ को राखी बांधी। कल्पना ने इस पेड़ को लगाया गया था। तब से वह इस पेड़ को अपना भाई मानकर राखी भी बांधती है। शनिवार को राखी बांधने के तय समय के बाद कल्पना ठाकुर अपने पर्यावरणविद् एवं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता पिता किशन ठाकुर के साथ अलेउ बिहाल पहुंचीं और पूजा-अर्चना के बाद देवदार के पेड़ को राखी बांधी।
इसके बाद उन्होंने इसी जगह पर रक्षाबंधन के अवसर पर पौधरोपण भी किया। मूलरूप से जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के मूलिंग गांव की रहने वाली पर्यावरण प्रेमी कल्पना ठाकुर ने तीन साल की उम्र में अलेउ बिहाल में देवदार का पौधा लगाया। तब से वह इस पेड़ को भाई मानकर राखी बांधती हैं। वह इसकी देखभाल भी करती हैं। इस अवसर पर कल्पना ने कहा कि सभी पर्यावरण की रक्षा करें और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए। पर्यावरण संतुलन के लिए यह अति आवश्यक है।
जिला कुल्लू की पार्वती घाटी की अधिष्ठात्री माता चौंगासना (पार्वती) ने देव परंपरा का निर्वहन किया माता ने शनिवार की सुबह रक्षा बंधन के दिन ब्यास और पार्वती नदी के संगम स्थल जिया में शाही स्नान किया। वहीं माता के साथ सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भी आस्था की डूबकी लगाई। माता चौंग गांव में स्थित अपने देवालय से शुक्रवार को हारियानों और कारकूनों संग संगम स्थल के लिए रवाना हुई थी। वहीं शनिवार की सुबह 08:00 बजे माता ने परंपरा को निभाते हुए शाही स्नान किया।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के प्रशिक्षुओं ने रक्षाबंधन को खास बनाया। प्रशिक्षुओं ने डाइट के साथ लगते जरड़ जंगल में पौधरोपण किया। इसके अलावा पौधों को राखी बांध अपना भाई भी बनाया। प्रशिक्षु रोपे गए पौधों की देखभाल और संरक्षण करेंगे। इस अनोखी पहल से प्रशिक्षुओं ने पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण कर धरती को हराभरा बनाए रखने का संदेश भी दिया।
