
कारगिल युद्ध में अपने प्राण न्योछावर करने वाले मोरसिंघी पंचायत के मसधान पंचायत के शहीद हवलदार राजकुमार वशिष्ठ के परिवार की देशभक्ति आज भी मिसाल बनी हुई है। शहादत के 26 साल बाद भी उनकी वीर पत्नी रक्षा देवी की आंखों में गर्व है और जुबां पर संकल्प। कहती हैं कि अब नाती-पोतों को भी फौज में भेजूंगी। जब राजकुमार बलिदान हुए। तब उनके बड़े बेटे राहुल वशिष्ठ की उम्र आठ साल, दूसरे बेटे रजत की उम्र महज छह साल थी। छोटा बेटा रॉबिन महज चार साल का था। रक्षा देवी ने उसी समय ठान लिया था कि उनके बेटे भी सेना में जाएंगे। उसी समय बेटे रजत ने छह साल की उम्र में ही सेना में जाने का निश्चय कर लिया। आज वह भारतीय सेना में जम्मू की अग्रिम चौकी पर तैनात हैं।
हालांकि, दो बेटे किन्हीं कारणों से सेना में नहीं जा सके। उनमें से बड़े बेटे राहुल वशिष्ठ घुमारवीं में पेट्रोल पंप चलाते हैं, जबकि छोटे भाई रॉबिन निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। राहुल कहते हैं कि वह खुद भी सेना में जाना चाहते थे, लेकिन परिस्थितियों ने साथ नहीं दिया। कहा कि जब रजत सेना में शामिल हुआ तो वो पल पूरे परिवार के लिए सबसे भावुक और गर्व भरा था। राहुल ने कहा कि जब पिता जब शहीद हुए तो उनकी उम्र बहुत कम थी, लेकिन पिता की शहादत ने उन्हें हमेशा गौरवान्वित किया। संयुक्त परिवार था तो चाचा और ताया ने कभी उन्हें परेशान नहीं होने दिया। एक चाचा तो हाल ही में सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं।
बड़े बेटे राहुल ने मांग की कि मोरसिंघी स्कूल और टिक्कर-कसोलियां सड़क का नाम उनके शहीद पिता राजकुमार के नाम पर किया जाए, ताकि भावी पीढ़ी को भी प्रेरणा मिलती रहे। बताते चलें कि शहीद राजकुमार के परिवार की कहानी सिर्फ बलिदान की नहीं, बल्कि संकल्प, समर्पण और संस्कार की कहानी है,जो हर कारगिल दिवस पर देश को गर्व और प्रेरणा दोनों देती है।
कारगिल हीरो राजकुमार को मरणोपरांत ब्रेवेस्ट ऑफ द ब्रेव सम्मान से नवाजा गया था। उनकी धर्मपत्नी रक्षा देवी ने कहा कि जब उन्हें यह पुरस्कार मिला तो तीनों बेटों सहित गौरव के साथ उस सम्मान को ग्रहण किया था। बताते चलें कि हवलदार राजकुमार ने कारगिल युद्ध के समय कई दुश्मन सैनिकों को अकेले ही मौत के घाट उतार दिया था। 11 जुलाई 1999 को बटालिक सेक्टर में देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। उनकी शहादत के बाद सरकार ने इनके नाम पेट्रोल पंप दिया है जिसकी देखरेख उनके बड़े बेटे राहुल वशिष्ट करते हैं।
