हिमाचल प्रदेश राज्य संग्रहालय शिमला में सबसे अधिक ऊंचाई में मिले शवागार संस्कृति के अवशेष संरक्षित हैं। इसमें मनुष्य के शरीर का पूरा कंकाल शामिल है। यह अवशेष स्पीति की किब्बर घाटी में समुद्र तल से 14 हजार 400 फीट की ऊंचाई पर मिले हैं। इन्हें संरक्षित करने वाला यह देश का अपनी तरह का पहला संग्रहालय है। शवागार संस्कृति में शव के साथ बर्तन आदि भी दफनाए जाते थे। राज्य संग्रहालय शिमला की टीम ने यह अवशेष 2017 में ढूंढे थे। इसके बाद अमेरिका के फ्लोरिडा से इनकी कार्बन डेटिंग करवाई गई। इसमें पता चला कि अवशेष 1700 साल पुराने हैं। इसमें हड्डियों के साथ कुछ मिट्टी के बर्तन भी  दफन किए हुए मिले। इसके बाद इसे संग्रहालय में संजो कर रखा गया। 

इस टीम का नेतृत्व संग्रहालय के अध्यक्ष डॉ. हरी चौहान ने किया था। डॉ. हरी चौहान ने बताया कि यूनेस्को (संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन) की संग्रहालय की लिस्टों में राज्य संग्रहालय का नाम भी शामिल है। यह हिमाचल के लिए गर्व की बात है। संग्रहालय में मूर्तियों, पहाड़ी, राजस्थानी, मुगल लघु चित्रों, भित्ति चित्रों, रेखाचित्रों, समकालीन चित्रों, कांस्य, हथियारों, लकड़ी की नक्काशी, सिक्कों, आभूषणों, सजावटी कलाओं, वस्त्रों, डाक टिकट संग्रह, और अन्य पुरातात्विक अवशेषों का समृद्ध संग्रह है। उन्होंने बताया कि संग्रहालय में मिनिएचर पेंटिग का बहुत अच्छा कलेक्शन है। इसमें 16वीं शताब्दी के बाद का देवी महात्मा पेंटिंग का सैट है, जो दुर्लभ है। इसके अलावा 16वीं शताब्दी के बाद के पहाड़ी लघु चित्र भी हैं।