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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला ने रोजगार से जुड़े एक अहम आंकड़े के मामले में देश की अन्य राज्य राजधानियों के बीच पहला स्थान हासिल किया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, शिमला में श्रम बल सहभागिता दर 70 फीसदी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा शहर में रोजगार और कामकाज से जुड़ी आबादी की स्थिति को दर्शाता है।

क्या होती है श्रम बल सहभागिता दर?

श्रम बल सहभागिता दर (Labour Force Participation Rate) से पता चलता है कि किसी क्षेत्र की निर्धारित आयु वर्ग की आबादी में कितने लोग रोजगार में हैं या काम पाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहे हैं। इसमें नौकरी करने वाले और काम की तलाश में श्रम बल का हिस्सा बने लोग शामिल होते हैं।

शिमला के लिए क्यों अहम है यह आंकड़ा?

रिपोर्ट में शिमला की 70 फीसदी श्रम बल सहभागिता दर दर्ज होने को रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया है। यह आंकड़ा शहर में आर्थिक गतिविधियों और कामकाज में लोगों की भागीदारी की स्थिति समझने में मदद करता है।

हालांकि, श्रम बल सहभागिता दर और रोजगार दर अलग-अलग संकेतक हैं। केवल इस आंकड़े के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि शहर के 70 फीसदी लोगों के पास नौकरी है। रोजगार की वास्तविक स्थिति समझने के लिए बेरोजगारी दर, रोजगार के प्रकार और सर्वेक्षण के आयु वर्ग जैसे पहलुओं को भी देखना जरूरी है।

रिपोर्ट में सामने आया यह आंकड़ा शिमला की आर्थिक स्थिति और रोजगार से जुड़े अवसरों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण है।