पीटरहॉफ में अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यातिथि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर सम्मानित होने वाली लड़कियों की कतार देखकर खुश हो गए। रोहित हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की मेरिट सूची में शामिल मेधावियों को सम्मानित कर रहे थे। इस बीच कांगड़ा के पाईसा स्कूल से दसवीं कक्षा के अरमान सम्मान लेने के लिए मंच पर पहुंचे। उन्हें देखकर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर हंसी से खिल उठे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने छात्र से कहा, वेरी गुड, अभी तक जितने भी टाॅपर आए हैं तुम पहले लड़के हो। इससे पहले मंत्री कई छात्राओं को सम्मानित कर चुके थे।

सम्मान समारोह में पुरस्कार वितरण के बीच कई मेधावियों ने मंत्री के साथ सेल्फी भी लीए तो किसी ने सर्टिफिकेट दिखाया। कई मेधावियों ने मंत्री का ऑटोग्राफ भी लिया तो मंत्री ने भी सर्टिफिकेट पर गुड लक लिखा। समारोह के दौरान मंत्री ने एक छात्र से उसके नंबर पूछे, तो छात्र तपाक से बोला 96.6 प्रतिशत। मंत्री ने कहा कि हमारे समय में तो 60 फीसदी नंबर भी नहीं आते थे। समारोह में मंत्री ने प्रदेश भर के मेधावियों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए मेडल और प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया।

10 वीं में टाॅपर रही अमीशा नाना राजेंद्र सिंह जसरोटिया के साथ सम्मान समारोह में पहुंची थीं। उन्हें सम्मान पाकर देखकर उनके नाना की आंख छलक आईं। जसरोटिया ने कहा कि दोहती को सम्मान पाकर देखकर गर्व महसूस हो रहा है। दोहती छुट्टियों में उनके घर आई है। सम्मान समारोह के लिए उनके घर से ही वे शिमला आ गए।

नैनू देवी बेटे आदित्य का प्रमाणपत्र लेने के लिए समारोह में पहुंचीं। उन्होंने कहा कि बेटे का पिछले कल रोहड़ू में वॉलीबाल ट्रायल था। आज सड़क बंद होने के कारण बेटा समारोह के लिए नहीं पहुंच सका। उसका सम्मान पाकर गर्व महसूस कर रही हूं।

जिगमेड डोलमा का सम्मान मां डॉ. सावित्री ने ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि बेटी का मंत्री से सम्मान पाकर गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि बेटी ने यहां तक आने का मौका दिया।

राजधानी से सटे घणाहट्टी स्कूल की टॉपर साक्षी शर्मा ने मेधावी समारोह में मंत्री से सम्मान पाकर बताया कि उनके पिता कामेश्वर शर्मा और मां सुषमा की मेहनत से उसे जीवन में आगे बढ़ना की प्रेरणा मिली है। पिता टायर बनाने का काम करते हैं। मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं।

नूरपुर की ईशा चौधरी मामा देसराज के साथ सम्मान लेनी पहुंचीं। ईशा ने बताया कि उनके पिता दुबई में काम करते है। मां और छोटा भाई घर पर हैं। एयरफोर्स में गुजरात में तैनात मामा छुट्टियों में घर आए हैं। ऐसे में उनके साथ सम्मान लेने आई हूं। देसराज ने बताया कि भांजी की उपलब्धि पर गर्व महसूस हो रहा है।