
आर्थिकी एवं सांख्यिकी विभाग, योजना, वित्त और लोक निर्माण विभाग के सचिव अभिषेक जैन ने कहा कि आंकड़े ऑफिस में बैठक कर तैयार नहीं होते हैं। प्रदेश की जीडीपी का आंकड़ा ही गलत होगा तो सब कुछ गलत होता जाएगा। वह सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण योजना के अंतर्गत सोमवार को ऊना में यूजर्स-प्रोड्यूसर और हितधारक परामर्श एवं डाटा संग्रहण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो ऊना में मनमर्जी से अधिकारी काम कर रहे हैं। धक्केशाही से जिले में विभागीय अधिकारियों का काम चला हुआ है। गुड गवर्नेंस में ऊना का प्रदर्शन आंकड़ों में अन्य जिलों के मुकाबले निचले पायदान पर है।
जैन ने जिला के सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित सही आंकड़े पूरी गंभीरता, जिम्मेदारी से दें। यह कार्यशाला हिमाचल प्रदेश की सांख्यिकीय प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि उप-जिला स्तर पर अत्यंत सूक्ष्म और विस्तृत आंकड़ों की उपलब्धता, सटीक योजना निर्माण, लक्षित हस्तक्षेप और सरकारी योजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक, अनुपम शर्मा, विभाग के आर्थिक सलाहकार डॉ. विनोद राणा, सहायक आयुक्त ऊना वीरेंद्र शर्मा, एएसपी सुरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
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