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शिमला सचिवालय में अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में देरी को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। सचिवालय सेवाएं संघ की आम सभा में समय पर विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें नहीं होने और पात्र अधिकारियों की पदोन्नति अटकने पर नाराजगी जताई गई। संघ ने प्रशासन से व्यवस्था में सुधार की मांग की है और समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर आगे के परिणामों की चेतावनी दी है। 

संघ के महासचिव ज्योति चौहान ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से डीपीसी की बैठकें नहीं बुलाई जा रही हैं। इसके चलते पात्र अधिकारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। संघ के अनुसार, कई योग्य अधिकारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे अधिकारियों में असंतोष बढ़ रहा है। 

संघ के पदाधिकारी जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पदोन्नति से जुड़ी समस्याओं और प्रशासनिक स्तर पर हो रही देरी का मुद्दा उठाएंगे। संघ का कहना है कि पात्र अधिकारियों की पदोन्नति प्रक्रिया तय समय के भीतर पूरी होनी चाहिए।

बैठक में उप सचिव, संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव स्तर के भर्ती एवं पदोन्नति (आरएंडपी) नियमों में संशोधन को लेकर भी चर्चा हुई। संघ ने इस संबंध में आगे की रणनीति तय करने की बात कही है।

इसके अलावा सचिवालय परिसर की पार्किंग व्यवस्था का मुद्दा भी बैठक में उठा। संघ ने आरोप लगाया कि बाहरी वाहन बिना परमिट के लंबे समय तक परिसर में खड़े किए जा रहे हैं, जिससे सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। संघ ने पार्किंग व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। 

वहीं, सचिवालय में 30 सितंबर को एक दिवसीय आयुष्मान आरोग्य शिविर भी लगाया जा रहा है। शिविर में ईएनटी, ऑर्थोपेडिक्स और नेत्र रोग विशेषज्ञों सहित अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ निशुल्क जांच और परामर्श देंगे। 