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सोलन में कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने बुधवार को संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन किया। मालरोड पर आयोजित रोष रैली और धरने में कांग्रेस समेत गठबंधन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में वोट हटाए जाने का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया और चुनाव प्रक्रिया व मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की।
यह प्रदर्शन कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत आयोजित किया गया था। सोलन में इससे पहले भी कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा चुका है। बुधवार के प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी के साथ एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, इंटक, महिला कांग्रेस और सेवादल समेत विभिन्न अग्रिम संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए।
इंडिया गठबंधन के घटक दलों की संयुक्त भागीदारी के जरिए प्रदर्शन को व्यापक रूप देने की कोशिश की गई। कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष वरमानी ने प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
गौरतलब है कि सुभाष वरमानी ने इससे पहले भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 8 अक्टूबर को सोलन में इंडिया गठबंधन की रोष रैली आयोजित करने की जानकारी दी थी।
इंडिया गठबंधन की ओर से देश में 13 करोड़ से अधिक वोटों को कथित तौर पर रद्द किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि यह आंकड़ा गठबंधन और कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोप का हिस्सा है और इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रीय स्तर पर भी इंडिया गठबंधन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विरोध दर्ज करा रहा है। गठबंधन की ओर से हटाए गए नामों को बहाल करने और SIR प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
सोलन में हुए इस प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने संकेत दिया कि मतदाता सूचियों और चुनाव आयोग से जुड़े इन मुद्दों को लेकर उनका विरोध आगे भी जारी रह सकता है। इससे पहले प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से इसी मुद्दे पर प्रदर्शन किए जा चुके हैं।
