
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में बागवानी को व्यावसायिक विषय के रूप में शामिल किया जाएगा। वीरवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सचिवालय में विभागीय कामकाज की समीक्षा करते हुए यह फैसला लिया। उन्होंने कॉलेजों में लोक प्रशासन विषय फिर शुरू करने के निर्देश भी दिए। एसएमसी शिक्षकों के मामले को कैबिनेट में ले जाने का फैसला भी हुआ है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि लंबित पदोन्नतियों के मामले लोकसेवा आयोग को भेज दिए हैं। हिमाचल के प्रभावित क्षेत्रों के आसपास एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत स्कूली बच्चों से पौधरोपण कराया जाएगा। नए अनुभव के लिए 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए बाल मेलों और विज्ञान प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल और अटल आदर्श विद्यालय जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्कूलों और महाविद्यालयों में विभिन्न श्रेणियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा। स्कूलों में बागवानी को एक व्यावसायिक विषय के रूप में शामिल करने का निर्णय लेते हुए शिक्षा मंत्री ने राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड को इसका पाठ्यक्रम तैयार कर प्रस्ताव दो सप्ताह में पेश करने को कहा। कॉलेजों की नैक मूल्यांकन प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने और आधुनिक पुस्तकालयों की स्थापना के भी निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के चलते प्रदेश में करीब 510 शिक्षण संस्थान क्षतिग्रस्त हुए हैं। करीब 30 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को आपदा उपरांत आवश्यकताओं के मूल्यांकन (पीडीएनए) के तहत प्राप्त धनराशि के सदुपयोग करने के निर्देश दिए। 75 प्रतिशत से अधिक क्षतिग्रस्त स्कूलों को प्राथमिकता दी जाए।
