कांगड़ा के दो बड़े अस्पतालों के आडिट के दिए आदेश, कैग ने हिमकेयर के दुरुपयोग का लगाया आरोप

दोनों की व्यापक जांच के लिए भेजा पत्रहिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना में कुछ अस्पतालों द्वारा की गई लूट के खिलाफ प्रदेश सरकार के बाद कैग ने भी आंखें तरैर ली हैं। सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग के सद्पयोग और अपारदर्शिता लाने के लिए भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएंडएजी) ने ऑडिट की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्रधान महालेखाकार कार्यालय द्वारा जारी ताजा आदेशों के अनुसार, ऑडिट टीम पालमपुर के एक बड़े निजी अस्पताल और डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कालेज टांडा में रिकॉर्ड की गहन जांच करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकार का कार्यभार संभालते ही हिमकेयर योजना के व्यापक दुरुपयोग के खुलासे किए थे। उन्होंने कहा कि बहुत से सरकारी और निजी अस्पतालों में इस योजना का जमकर दुरुपयोग हुआ है। अब कैग ने भी पुष्टि कर दी है। यह ऑडिट स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले उपलब्ध कराए गए डाटा डंप के आधार पर किया जा रहा है।ऑडिट टीम विशेष रूप से मरीजों के दावों कलेम, नामांकन प्रक्रिया, लाभार्थियों के विवरण और योजना से संबंधित अन्य महत्त्वपूर्ण दस्तावेजों का सत्यापन करेगी। इस जांच का उद्देश्य सार्वजनिक संसाधनों के प्रबंधन में जवाबदेही और सुशासन सुनिश्चित करना है। इस ऑडिट का महत्त्व इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्वयं विधानसभा में हिमकेयर योजना के ऑडिट को लेकर वक्तव्य दिया था। उसी संवैधानिक जनादेश और सरकार की प्रतिबद्धता के अनुपालन में यह कदम उठाया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान संबंधित अस्पतालों के अधिकारियों को उपस्थित रहना होगा,