हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए राज्य में बस किराया बढ़ाने की तैयारी है। शनिवार को हुई एचआरटीसी के निदेशक मंडल की बैठक में न्यूनतम बस किराया 5 से बढ़ाकर 10 रुपये करने और सामान्य किराया 20 फीसदी बढ़ाने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। इसे अब स्वीकृति के लिए सरकार को भेजा जा रहा है। मंत्रिमंडल इस पर अंतिम फैसला लेगा। बीओडी की बैठक में विभिन्न वर्गों को किराये में दी जा रही छूट में भी कटौती का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त करीब 600 करोड़ की लागत से 700 बसें खरीदने का भी निर्णय लिया गया।


यदि सरकार एचआरटीसी के प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो हिमाचल में बस किराया (पहाड़ी क्षेत्रों के लिए) 2.19 रुपये प्रति किलोमीटर से बढ़कर 2.62 रुपये प्रति किलोमीटर हो जाएगा। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उप मुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि निगम ने 297 टाइप-1 ई-बसों की खरीद के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। खरीद कमेटी की सिफारिशें निदेशक मंडल ने स्वीकार कर ली हैं। अब बस खरीद का प्रस्ताव मंत्रिमंडल को भेजा जाएगा।

राये बढ़े तो शिमला से धर्मशाला तक चुकाने पड़ेंगे 707 रुपये
बस किराया 20 फीसदी बढ़ने की स्थिति में शिमला से सोलन का किराया मौजूदा 105 रुपये से बढ़कर 113 रुपये, शिमला से धर्मशाला 605 से 707, शिमला से कुल्लू 490 से 550 और शिमला से चंबा 848 से 996 रुपये हो जाएगा। एचआरटीसी बस किराये के साथ इंश्योरेंस और टोल टैक्स भी वसूलता है। बैठक में बस किराया बढ़ाने को लेकर चर्चा के बाद सरकार को प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया, लेकिन प्रेस वार्ता के दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बस किराया बढ़ाने को लेकर पूछे सवाल को सिरे से नकार दिया।