हिमाचल प्रदेश के कई भागों में एक सप्ताह तक माैसम के खराब बने रहने के आसार हैं। वहीं बीते 24 घंटों के दाैरान सुजानपुर टिहरा में 37.0, पांवटा साहिब 22.0, कांगड़ा 17.6, भटियात 15.1, नगरोटा सूरियां 14.0, कोठी 13.0, निचार 9.2, जोगिंद्रनगर 9.0, पालमपुर 7.0, धर्मशाला 3.4, देहरा गोपीपुर 3.0, पंडोह 3.0, गुलेर 2.4, रोहड़ू 2.0 व जोत में 1.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। शिमला में भी आज धूप खिलने के साथ हल्के बादल छाए हुए हैं।

माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 1 से 4 अक्तूबर तक राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। 5 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 6 अक्तूबर को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 7 अक्तूबर को राज्य के कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से माैसम में यह बदलाव आने की संभावना है।

शिमला में न्यूनतम तापमान 14.6, सुंदरनगर 20.5, भुंतर 19.2, कल्पा 8.2, धर्मशाला 16.8, ऊना 20.5, नाहन 19.8, पालमपुर 15.0, सोलन 18.5, मनाली 15.6, कांगड़ा 18.6, मंडी 21.1, बिलासपुर 22.5, हमीरपुर 21.6, कुफरी 11.8, कुकुमसेरी 8.5, नारकंडा 10.4, भरमाैर 15.3, रिकांगपिओ 12.5, बरठीं 21.0, पांवटा साहिब 22.0, ताबो 5.8 व बजाैरा में 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

उधर, इस मानसून(जून से सितंबर) में राज्य में सामान्य से 39 फीसदी अधिक बारिश हुई। मानसून में 734.4 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया लेकिन वास्तव में 1022.5 मिमी बारिश हुई। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से बुधवार को जारी 2025 की मानसून रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष हिमाचल प्रदेश में इस मानसून के मौसम में पिछले 125 वर्षों में 15वीं सबसे अधिक बारिश(1022.5 मिमी) दर्ज की गई और पिछले 29 वर्षों में यह सर्वाधिक है। हालांकि, 1901 से 2025 तक की अवधि में सबसे अधिक बारिश (1314.6 मिमी) वर्ष 1922 में दर्ज की गई थी।