हिमाचल प्रदेश के कुछ भागों में दो दिन भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई स्थानों पर 8 सितंबर तक हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। 2 व 3 सितंबर के लिए कुछ स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट है।  मंडी में चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे भूस्खलन से छह व नौ मील के पास रात से सोमवार सुबह तक बंद रहा।

इससे यात्रियों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सोमवार सुबह राजधानी शिमला में हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं रविवार रात को नाहन में 143.5, श्री नयना देवी 130.6, पच्छाद 83.0, पांवटा साहिब 72.6, कटौला 55.1, धौलाकुआं 66.0, सुंदरनगर 46.2, पंडोह 34.0, चंबा 33.0, भरमौर 32.0, धर्मशाला 13.2, पालमपुर 30.0, मंडी 19.2, भरमौर 32.0 व नेरी में 21.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

उधर, सोमवार सुबह 10:00 बजे तक राज्य में जगह-जगह भूस्खलन से एक नेशनल हाईवे सहित 110 सड़कों पर वाहनों की आवाजाही ठप रही। इसके अतिरिक्त 427 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित चल रहे हैं। सबसे ज्यादा सेवाएं शिमला, मंडी, सिरमौर, कुल्लू व कांगड़ा जिले में प्रभावित हैं। पांवटा-शिलाई एनएच-707 पर हईनधार के पास भूस्खलन हुआ है। 

प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार, इस मानसून सीजन में भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने से 64 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 लोग अभी भी लापता हैं। मौसम और अन्य हादसों में अब तक 271 लोगों की जान चली गई है, जबकि 423 लोग घायल हुए हैं। 23 की मौत बादल फटने से, 26 की बाढ़ के बाद डूबने व बहने से, छह लोगों की मौत भूस्खलन, आठ की बाढ़ के कारण और एक की बिजली गिरने से हुई है। इसके अलावा 25 की मौत सर्पदंश, 15 की मौत बिजली के झटके और 38 की मौत गिरने से हुई है। 120 लोगों की जान बारिश के दौरान सड़क हादसों और 9 की जान अलग कारणों से गई है

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