
पूरी खबर:
हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज अगले दो दिनों तक बदला हुआ रहने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 8 और 9 अक्तूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ हल्की बर्फबारी होने का भी पूर्वानुमान है।
8 अक्तूबर को कांगड़ा और मंडी के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जबकि झोंकों के साथ यह 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है।
शिमला में भी आज कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। यहां भी हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है।
9 अक्तूबर को भी कई जिलों में असर
9 अक्तूबर को भी मौसम पूरी तरह साफ रहने के आसार नहीं हैं। कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन समेत कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। कांगड़ा और मंडी में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि शिमला और सोलन में भी अलग-अलग स्थानों पर आंधी और बिजली का असर देखने को मिल सकता है।
ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश-बर्फबारी
8 और 9 अक्तूबर को प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू के ऊंचे इलाकों में भी मौसम विभाग ने बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है।
तापमान में भी गिरावट के आसार
अगले कुछ दिनों के दौरान हिमाचल के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट आने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। इससे प्रदेश में सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ने के आसार हैं।
10 अक्तूबर से मिल सकती है राहत
मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 10 अक्तूबर से भारी मौसम चेतावनी समाप्त होने की संभावना है। 10 से 13 अक्तूबर तक किसी विशेष चेतावनी का उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि इस दौरान भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
बारिश और खराब मौसम को देखते हुए लोगों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। आंधी और बिजली के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े न होने तथा खुले स्थानों पर अनावश्यक गतिविधियां सीमित रखने को कहा गया है। लोगों को मौसम संबंधी अलर्ट पर लगातार नजर रखने की भी सलाह दी गई है।
