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हिमाचल प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी का दौर देखने को मिल रहा है, जिससे तापमान में गिरावट के साथ ठंड का असर भी बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने 28 और 29 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी होने के आसार हैं।

किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए येलो अलर्ट

मौसम केंद्र शिमला ने किन्नौर और लाहौल-स्पीति के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। हवाओं की रफ्तार करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

स्पीति में सीजन की पहली बर्फबारी

इससे पहले किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि स्पीति घाटी के काजा और आसपास के क्षेत्रों में सीजन का पहला हिमपात भी हुआ है। बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट आई है और पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है।

शिमला और सिरमौर में भी बारिश के आसार

राजधानी शिमला और सिरमौर जिले में भी मौसम के तेवर बदलने की संभावना है। 28 सितंबर को शिमला, सोलन और सिरमौर के लिए येलो अलर्ट की जानकारी सामने आई है। शिमला में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि सिरमौर में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।

कहां कितनी बारिश होगी?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 28 और 29 सितंबर को प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मध्य पर्वतीय और उच्च पर्वतीय इलाकों में कुछ स्थानों पर बारिश के साथ बर्फबारी भी होने की संभावना है। वहीं, निचले इलाकों में भी मौसम खराब रहने के आसार हैं।

30 सितंबर के बाद मिल सकती है राहत

मौसम विभाग के अनुसार 30 सितंबर के बाद प्रदेश में मौसम के अपेक्षाकृत साफ और शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए स्थानीय परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी रहेगा।

लगातार बारिश और बर्फबारी के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सड़क यातायात प्रभावित होने, फिसलन बढ़ने और भूस्खलन जैसी स्थिति बनने की आशंका को देखते हुए यात्रियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर किन्नौर और लाहौल-स्पीति की ओर जाने वाले लोग यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें।