ऊना के हरोली में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में पहले चरण का उत्पादन दिसंबर 2026 से शुरू करने की तैयारी है। यहां पहले चरण में 50 कंपनियां फार्मा कंपनियों के लिए कच्चा माल बनाएंगी। इसमें देश-विदेश के नामी औद्योगिक घराने निवेश करने को तैयार हैं। पार्क के भीतर 10 हजार करोड़, जबकि बाहर 5,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसमें 35 हजार लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। हाल ही में विभाग की ओर से 287 करोड़ रुपये की लागत से बननी वाले साइट डेवलपमेंट प्लान, रोड, बाउंडरी वाॅल और पुल निर्माण के लिए टेंडर किए जा चुके हैं।

अब 321 करोड़ रुपये की लागत से बाॅयलर स्थापित होना है। इसके लिए उद्योग विभाग की ओर से नए सिरे से टेंडर आमंत्रित किए जा रहे हैं। सोल्ड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर टेंडर होने है। उद्योग से निकलने वाला गंदे पानी को ट्रीट करने के लिए सरकार 284 करोड़ रुपये व्यय करेगी। इस पानी को साफ कर खेतों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल में लाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 21 मार्च, 2020 को बल्क ड्रग पार्क योजना को मंजूरी दी थी।

इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1,923 करोड़ रुपये है। इसमें केंद्र सरकार की अनुदान राशि 1,118 करोड़ रुपये है। वहीं, 804.54 करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार की ओर से खर्च की जाएगी। 1402.44 एकड़ भूमि में इसे बनाया जा रहा है। बल्क ड्रग पार्क में फार्मा कंपनियों से लिए कच्चा माल तैयार होगा। मैनकाइंड, अरविदो और सन फार्मा समेत 50 नामी कंपनियां निवेश करने को तैयार हैं। अभी फार्मा उद्योगों के लिए चीन से कच्चा माल लाया जाता है।

यह महंगा पड़ता है। अब चीन के बजाय कंपनियां बल्क ड्रग पार्क से कच्चा माल उठा सकेंगी। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि केंद्र से पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद बल्क ड्रग पार्क ने रफ्तार पकड़ी है। विभाग की ओर से टेंडर आमंत्रित किए जा रहे हैं। दिसंबर 2026 में पहले चरण का काम शुरू करना है। हिमाचल का यह बड़ा प्रोजेक्ट है। उद्योग विभाग इस पर फोकस किए हुए है।