हिमाचल सरकार ने जापान के उद्योगपतियों को प्रदेश में निवेश करने का न्योता दिया है। बुधवार को टोक्यो में सरकार के प्रतिनिधिमंडल की जापान के उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम हुआ। इसमें हिमाचल रोपवे परियोजनाओं, बल्क ड्रग पार्क और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग लगाने पर चर्चा की गई। भारतीय दूतावास में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मधुसूदन आर ने भारत-जापान के बढ़ते आर्थिक सहयोग पर प्रकाश डालते हुए स्वास्थ्य सेवाओं, तकनीक और विनिर्माण के क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश के साथ साझेदारी की संभावनाओं का उल्लेख किया। मधुसूदन आर ने कहा कि भारत और जापान का रिश्ता समय की कसौटी पर खरा उतरा है। यह संवाद जापानी कंपनियों को हिमाचल प्रदेश में निवेश के अवसर तलाशने का एक नया दरवाजा खोलता है।

हिमाचल के पास प्राकृतिक संसाधन और प्रशिक्षित मानव संसाधन दोनों ही उपलब्ध हैं। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य ग्रामीण उद्यमिता और हरित औद्योगिकीकरण को प्राथमिकता दे रहा है। हमारी सरकार केंद्र सरकार की आरएएमपी योजना को हरित वित्त, स्मार्ट एमएसएमई और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे प्रयासों से लागू कर रही है। उन्होंने उद्योगपतियों को हिमाचल में निवेश का न्योता दिया। अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी नजीम ने पर्यटन, रोपवे परियोजनाओं, बल्क ड्रग पार्क और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में अवसरों पर प्रकाश डाला। उद्योग निदेशक डॉ. युनुस ने कहा कि एमएसएमई को मजबूत करने के लिए विश्व बैंक समर्थित रैंप (आरएमएमपी) की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंनने आगामी रिवर्स बायर–सेलर मीट (आरबीएसएम) के बारे में बताते हुए जेईटीआरओ, एमईजे और अन्य जापानी संगठनों को इसमें भागीदारी के लिए आमंत्रित किया।