
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि उद्योग विभाग 3 से 5 जनवरी, 2026 तक शिमला में हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 का आयोजन करेगा। यह आयोजन प्रदेश भर के हजारों छोटे उद्यमियों, कारीगरों और स्टार्ट-अप्स की आकांक्षाओं को साकार करने के लिए एक सशक्त मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 हिमाचल प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र को बाजार, निवेश और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने में मील का पत्थर सिद्ध होगा तथा इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह उत्सव नवाचार, उद्यमिता और समावेशी विकास को प्रोत्साहित कर ‘आत्मनिर्भर हिमाचल’ के विज़न को मजबूती प्रदान करेगा।
‘द क्राफ्ट ऑफ द हिल्स ऑन द ग्लोबल स्टेज’ थीम को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फेस्टिवल हिमाचल प्रदेश के स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ेगा।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज यहां कहा कि उद्योग विभाग 3 से 5 जनवरी, 2026 तक शिमला में हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 का आयोजन करेगा। यह आयोजन प्रदेश भर के हजारों छोटे उद्यमियों, कारीगरों और स्टार्ट-अप्स की आकांक्षाओं को साकार करने के लिए एक सशक्त मंच के रूप में परिकल्पित किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 हिमाचल प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र को बाजार, निवेश और आधुनिक तकनीकों से जोड़ने में मील का पत्थर सिद्ध होगा तथा इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह उत्सव नवाचार, उद्यमिता और समावेशी विकास को प्रोत्साहित कर ‘आत्मनिर्भर हिमाचल’ के विज़न को मजबूती प्रदान करेगा।ज़्यादा जानेंटीवीटेलीविजनTV‘द क्राफ्ट ऑफ द हिल्स ऑन द ग्लोबल स्टेज’ थीम को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फेस्टिवल हिमाचल प्रदेश के स्थानीय एवं पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ेगा
कहा कि यह आयोजन उभरते और स्थापित स्टार्ट-अप्स के लिए एक अनूठा संगम होगा, जहां विचार, नवाचार और निवेश एक मंच पर आएंगे। उद्यमियों को अपने उत्पादों और सेवाओं के प्रदर्शन, निवेशकों व खरीदारों से सीधा संवाद तथा स्टार्ट-अप विस्तार के नए अवसर प्राप्त होंगे।उन्होंने कहा कि हिम एमएसएमई फेस्ट 2026 राज्य सरकार की प्राथमिक पहल है, जिसका उद्देश्य निवेश सुविधा, महिला उद्यमिता और उद्यम संवर्धन के माध्यम से समावेशी औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि उद्घाटन सत्र में स्टार्ट-अप अवॉर्ड्स एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके उपरांत हिमाचल प्रदेश की समृद्ध लोक परंपराओं पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी।उन्होंने बताया कि उत्सव के पहले दिन हस्तनिर्मित शॉलों की विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों की पारंपरिक बुनाई और हस्तशिल्प विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे आगंतुकों को प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक विविधता की झलक मिलेगी।प्रदेश के भावी औद्योगिक रोडमैप पर प्रकाश डालते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि ग्रीन मोबिलिटी, रक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक चिप्स और डेटा सेंटर्स जैसे क्षेत्रों को औद्योगिकीकरण को गति देने के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। इन उभरते क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए अग्रणी उद्योग समूहों के साथ रणनीतिक संवाद जारी है।
