
राज्य बिजली बोर्ड प्रबंधन ने 66 केवी पूह-काजा ट्रांसमिशन लाइन के पुराने टेंडर रद्द कर दिए हैं। अब निविदा आमंत्रित करने के लिए प्रक्रिया को दोबारा से शुरू किया जाएगा। लंबे समय से 362 करोड़ की इस परियोजना के सिरे नहीं चढ़ने पर बोर्ड प्रबंधन ने निदेशक वित्त अनुराग चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर दिवंगत विमल नेगी की मौत के मामले में निलंबन के बाद दोबारा बहाल हुए चीफ इंजीनियर देशराज को बड़ी जिम्मेवारी सौंपते हुए कमेटी के अध्यक्ष का सलाहकार बनाया गया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने दिसंबर 2023 में आरडीएसएस योजना में प्रदेश को 90:10 की फंडिंग में यह प्रोजेक्ट मंजूर किया है।
राज्य बिजली बोर्ड के अध्यक्ष के कक्ष में बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों ने पूह से काजा तक 66 केवी ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। बैठक में सामने आया कि बार-बार के प्रयासों के बावजूद अधीक्षण अभियंता (ईएस डिज़ाइन) हमीरपुर की ओर से इस परियोजना के लिए जारी निविदाएं योग्य बोलीदाताओं की भागीदारी आकर्षित करने में विफल रही। निविदा आमंत्रण सूचना (एनआईटी) में क्षेत्रीय परिस्थितियों का ध्यान नहीं रखा गया। इससे वर्तमान लागत अनुमानों के तहत परियोजना वित्तीय रूप से अव्यावहारिक पाई गई।
बैठक में बताया गया कि मौजूदा एनआईटी में प्रस्तावित लागत पिछले दौर की बोली में पाई गई न्यूनतम (एल वन) दरों से लगभग 50 फीसदी कम है। ऐसे में क्षेत्रीय परिस्थितियों और यथार्थवादी बाजार दरों के अनुरूप एनआईटी को फिर से तैयार करने के लिए निदेशक (वित्त एवं प्रशासन) अनुराग चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन करने का फैसला लिया गया। समिति को एक संशोधित, व्यवहार्य निविदा दस्तावेज़ तैयार करने का कार्य सौंपा गया है। इसमें दुर्गम भूभाग, रसद संबंधी बाधाओं और दूरस्थ पूह-काजा क्षेत्र में निर्माण से जुड़ी सामग्री की लागत को ध्यान में रखने को कहा गया है।
इस कमेटी में निदेशक (तकनीकी), निदेशक (संचालन), मुख्य अभियंता, शिमला क्षेत्र, मुख्य अभियंता (प्रणाली नियोजन), मुख्य अभियंता (विद्युत प्रणाली), मुख्य अभियंता (सामग्री प्रबंधन), मुख्य लेखा अधिकारी (सदस्य सचिव), अधीक्षण अभियंता (ईएस) डिजाइन हमीरपुर, इंजीनियर विपिन नेगी वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता ईएस कोटला, इंजीनियर पुनीत कश्यप वरिष्ठ कार्यकारी अभियंता ईएस टुटू को शामिल किया गया है।
बता दें कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने दिसंबर 2023 में आरडीएसएस योजना में 66 केवी पूह-समधो-काजा लाइन का निर्माण कार्य का जिम्मा सौंपा है। इस पर केंद्र सरकार ने 90 फीसदी अनुदान देना है और 10 फीसदी खर्च बिजली बोर्ड को करना है।
पूर्व मंत्री और भाजपा नेता सुधीर शर्मा ने कहा कि नियम कहते हैं जो भी अधिकारी या कर्मचारी जांच के जांच के दायरे में हो, उन्हें बड़ी जिम्मेवारी नहीं देनी चाहिए। अभी विमल नेगी मामले की जांच चल रही है। ऐसे में करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट के लिए दी गई जिम्मेवारी कई सवाल खड़े करती है।
