
ऊना के हरोली में बनने जा रहे बल्क ड्रग पार्क को पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद नामी कंपनियां हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्र में निवेश करने को तैयार है। परियोजना को गति मिलने अब प्रदेश सरकार की ओर से दो इन्वेस्टर मीट करवाई जाएंगी। इसमें एक हिमाचल और दूसरी हिमाचल से बाहर की जाएगी। उद्योग विभाग इसकी प्लानिंग में जुटा है। बल्क ड्रग पार्क में फार्मा उद्योगों के लिए कच्चा माल तैयार किया जाना है। दिसंबर 2026 में पार्क में पहले चरण का काम शुरू हो जाएगा।
प्रदेश सरकार की ओर से हिमाचल में इन्वेस्टर मीट करवाई जाएगी। इसमें देश और विदेश के नामी औद्योगिक घरानों को आने का निमंत्रण दिया जाएगा। मैन काइंड, अरविंदो और सनफार्मा जैसी नामी कंपनियां निवेश करने के लिए आगे आई हैं। प्रदेश सरकार का मानना है कि बल्क ड्रग पार्क में आईटी से संबंधित डिप्लोमा, डिग्री होल्डर को अच्छे पैकेज में नौकरी के अवसर प्रदान होंगे। 10 करोड़ रुपये का निवेश पार्क के भीतर जबकि बाहर 5000 करोड़ का निवेश होगा। 20 हजार से ज्यादा युवाओं को इसमें रोजगार मिलेगा। पार्क में 300.28 करोड़ से भाप तैयार करने वाला बॉयलर स्थापित किया जा रहा है।
उद्योग विभाग ने बॉयलर स्थापित करने के लिए टेंडर आमंत्रित किए थे। इसकी प्री बिड खोली गई। इस बिड में कंपनियों की ओर से क्लॉज बदलने सहित अन्य आपत्तियों और सुझावों पर चर्चा की गई। अगर सरकार को लगा कि कंपनियों के सुझाव मानने हैं या क्लॉज में बदलाव करना है तो विभाग दोबारा टेंडर आमंत्रित करेगा। ऐसा न होने पर विभाग टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड खोलेगा।
पार्क के लिए 120 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने बिजली बोर्ड और एचपीडीसीएलको वर्कआउट करने को कहा है। 12 ट्यूबवेल और इसके आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए उद्योग विभाग की ओर से 31 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
पर्यावरण की मंजूरी मिलने के बाद अब बल्क ड्रग पार्क के कार्य में तेजी लाई जाएगी। औद्योगिक घरानों को निवेश करने के लिए इन्वेस्टर मीट होगी। पर्यावरण मंजूरी मिलने के बाद अब पार्क के भीतर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। – हर्षवर्धन चौहान, उद्योग मंत्री, हिमाचल प्रदेश।
