हिमाचल प्रदेश सरकार ने जॉब ट्रेनी स्कीम के तहत विभिन्न विभागों और संस्थानों में रिक्तियों को भरने के लिए सभी विभागों को अपनी आवश्यकता के अनुसार समय पर अधिकृत भर्ती एजेंसियों को सही और स्पष्ट अधिसूचना के साथ मांग पत्र भेजने के निर्देश दिए हैं। कार्मिक सचिव की ओर से शुक्रवार काे इस बाबत सभी प्रशासनिक सचिवों, मंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों और बोर्ड-निगमों के प्रमुखों को विशेष निर्देश जारी किए हैं।

सरकार ने 19 जुलाई 2025 को अधिसूचित किया था कि ग्रुप-ए, ग्रुप-बी और ग्रुप-सी पदों पर जॉब ट्रेनी की नियुक्ति होगी। यह प्रावधान सरकारी विभागों के साथ-साथ विश्वविद्यालयों, बोर्ड-निगमों और अन्य सरकारी संस्थाओं पर भी लागू होगा। अब विभागों द्वारा इस स्कीम के तहत भर्तियों की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कार्मिक विभाग ने स्पष्ट किया कि नियुक्तियों के लिए विभागों को वही पात्रता मानक और चयन प्रक्रिया देनी होगी, जो संबंधित पद के लिए नियमित तौर पर लागू होती है। ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से मांग पत्र भेजते समय किसी अतिरिक्त दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं होगी।

यदि किसी कारणवश विभाग ऑफलाइन मांग पत्र भेजते हैं, तो उसमें अलग से पात्रता मानक और चयन प्रक्रिया का विवरण संलग्न करना अनिवार्य होगा। इस पर संबंधित अधिकारी का सत्यापन भी जरूरी होगा। मांग पत्र भेजने में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने की चेतावनी दी गई है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि तत्काल प्रभाव से सभी अधीनस्थ कार्यालयों और अधिकारियों तक यह जानकारी पहुंचाए जाए। कार्मिक सचिव ने कहा कि जॉब ट्रेनी स्कीम को युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और नियुक्तियों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लागू किया गया है। सरकार चाहती है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह से समान और निष्पक्ष हो। यही कारण है कि सभी विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि पात्रता व चयन प्रक्रिया में कोई भी बदलाव न हो।