
शिमला के एक व्यक्ति ने बघाट बैंक से सरकारी जमीन पर करीब दो करोड़ रुपये का ऋण ले लिया था। बघाट बैंक से लोन लेने वाले शिमला के डिफाल्टर ने बुधवार को 10 लाख रुपये का चेक सहायक पंजीयक की अदालत में जमा करवाया। साथ ही उसने एकमुश्त भुगतान करने के लिए भी बैंक में एप्लीकेशन दी, जिसे अदालत ने बैंक को भेज दिया है। अब बैंक की ओर से डिफाल्टर को एकमुश्त भुगतान करने के लिए मौका दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि डिफाल्टर ने बैंक से करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक लोन लिया है और उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी हुए थे। वहीं अदालत में डिफाल्टर की पेशियां भी लगी थीं। डिफाल्टर ने सरकारी जमीन पर लोन लिया था। वहीं पेशियों के दौरान यह मामला चर्चा में आया था। अब डिफाल्टर के खिलाफ दोबारा से कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी, मगर उससे पहले ही वह अदालत में पहुंच गया और यहां पर 10 लाख का चेक दे दिया।
उधर, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं सोलन गिरीश नड्डा ने बताया कि शिमला के एक डिफाल्टर ने बुधवार को 10 लाख रुपये का चेक अदालत में दिया। साथ ही एकमुश्त भुगतान के लिए भी एप्लीकेशन दी है, जिसे बैंक को भेज दिया है। डिफाल्टर ने सरकारी जमीन पर लोन लिया है। जिसे तहसीलदार ने अटैच कर दिया है।
