हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) के नए कैंपस में बीएमएस तृतीय वर्ष के 19 वर्षीय छात्र प्रारब्ध शुक्ला ने शुक्रवार को छात्रावास के कमरे में फंदा लगा लिया। मूलरूप से प्रियदर्शनी कॉलोनी महंगाव, जबलपुर (मध्य प्रदेश) के रहने वाले प्रारब्ध ने आत्महत्या क्यों की, इसके बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। सूत्रों से पता चला है कि छात्र कुछ समय से डिप्रेशन में चल रहा था और इसकी दवाएं भी ले रहा था। हालांकि, मौके पर न तो कोई दवाई मिली और न ही सुसाइड नोट।

पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को प्रारब्ध के पिता प्रोफेसर अनुपम शुक्ला उसके मोबाइल पर लगातार कॉल कर रहे थे। कई बार फोन करने के बावजूद उसने कॉल रिसीव नहीं की तो उन्होंने हॉस्टल वार्डन से संपर्क साधा। पिता के कहने पर वार्डन तुरंत छात्र के कमरे के पास पहुंचे, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। संदेह होने पर वार्डन ने कमरे की खिड़की को तोड़कर अंदर झांका तो छात्र फर्श पर पड़ा था। कपड़े का फंदा खुलने के बाद वह फर्श पर गिर गया था। इसके बाद प्रबंधन के कर्मचारी कमरे में पहुंचे और छात्र को तुरंत सिविल अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।

सिरमौर के पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने बताया कि सूचना मिलते ही माजरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस के अनुसार, छात्र के कमरे से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। उनके यहां पहुंचने के बाद शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस इस मामले में हर पहलू से गहराई से छानबीन कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, प्रारब्ध कमरे में अकेला रहता था। हालांकि, इसमें दो छात्रों के रहने की सुविधा है। शुक्रवार को संस्थान में कोई परीक्षा चल रही था। आसपास के कमरों में रहने वाले छात्र परीक्षा देने गए थे, लेकिन वह नहीं गया।