हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के थुनाग में हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के खिलाफ प्रदर्शन, रास्ता रोकने, काले झंडे दिखाने, पत्थरबाजी और जूता फेंकने के आरोप में जंजैहली थाने में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। यह घटना थुनाग में बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय के स्थानांतरण को लेकर चल रहे तनाव के बीच हुई। स्थानीय लोग और भाजपा के समर्थक इस निर्णय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने तीनों शिकायतों को दर्ज कर और जांच शुरू कर दी है। मौके पर पुलिस और कई लोग मौजूद थे, जिनकी उपस्थिति की पुष्टि की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है और जांच के बाद उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

यह मामला क्षेत्र में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है, क्योंकि स्थानीय समुदाय और विपक्षी दल बागवानी महाविद्यालय के स्थानांतरण के मुद्दे पर लगातार विरोध जता रहे हैं। यह शिकायतें कांग्रेस नेता जगदीश रेड्डी और वीरेंद्र कुमार ने 25 जुलाई 2025 को दर्ज कराईं। यह घटना उस समय हुई, जब मंत्री नेगी जंजैहली और थुनाग में बाढ़ व भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने और पीड़ितों से मिलने के बाद थुनाग विश्राम गृह में रुके थे। कांग्रेस नेता जगदीश रेड्डी की शिकायत पर जंजैहली में दर्ज पहली एफआईआर में मंत्री का रास्ता रोकने और काले झंडे दिखाने का आरोप है।

इस एफआईआर में 57 लोगों को आरोपी बनाया गया है। दूसरी एफआईआर में पत्थरबाजी और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया गया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 125, 351(2) और 352 के तहत दर्ज किया गया है।  तीसरी एफआईआर में महिलाओं की ओर से मंत्री का रास्ता रोकने और जूता फेंकने के आरोप लगे हैं।  शिकायत में सात महिलाओं पर आरोप लगाया कि उन्होंने शाम करीब 5:35 बजे थुनाग बाजार के पास पुल पर मंत्री की गाड़ी को रोका, बागवानी महाविद्यालय को थुनाग से स्थानांतरित करने के खिलाफ नारेबाजी की, काले झंडे दिखाए, और गाड़ी की ओर जूता फेंककर अपमानित किया। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।