
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि अवैध सट्टे और ऑनलाइन बेटिंग से बचने के लिए मंत्रिमंडल ने लाॅटरी को शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रदेश में बहुत से लोग ऑनलाइन लाटरी खेलते हैं। ऑनलाइन लॉटरी पर सरकार का कोई कंट्रोल नहीं होता है। बहुत से लोग अवैध रूप से सट्टे में पैसा गंवाते हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल के पड़ोसी राज्य पंजाब और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में भी लॉटरी वैध है। शुक्रवार को सचिवालय में मीडिया से बात करते हुए धर्माणी ने कहा कि भाजपा ने आर्थिक तौर पर हिमाचल प्रदेश का भट्ठा बिठा दिया है। भाजपा की पूर्व सरकार ने प्रदेश के आर्थिक संसाधनों को लुटाया। आखिरी महीनों में वित्तीय कार्यान्वयन के विचार के बिना ही घोषणाएं कर दीं।
उस समय जीएसटी कॉम्पेनशेसन मिलता था और प्रदेश को रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट भी तीन गुना ज्यादा मिलती थी। धर्माणी ने कहा कि पूर्व सरकार के समय भाजपा की केंद्र में भी सरकार थी, पर फिर भी तत्कालीन सरकार हिमाचल के लिए ज्यादा राशि लाने में विफल रही। धर्माणी ने अमेरिका की ओर से लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका से दोस्ती केवल दिखावा बनकर रह गई है और अब यह देश के लिए अपमानजनक स्थिति बन चुकी है।
धर्माणी ने कहा-यह कैसी दोस्ती है, जहां अमेरिका बार-बार भारत का मजाक उड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रेड डेफिसिट बढ़ेगा, एक्सपोर्ट घटेगा और इंपोर्ट बढ़ेगा। इससे हमारी अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा। धर्माणी ने केंद्र सरकार को सलाह दी कि उसे अपनी विदेश नीति पर फिर से विचार करना चाहिए और राजनीतिक लाभ से ऊपर उठकर देशहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कहा, हर कदम पर राजनीतिक फायदा सोचने से देश पीछे जाएगा। भाजपा को भले ही इसका तात्कालिक लाभ मिले, लेकिन इससे भारत का अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्थान कमजोर हुआ है। धर्माणी ने प्रधानमंत्री से आत्मचिंतन करने की अपील करते हुए कहा कि देश को खोखली विदेश नीति नहीं, ठोस और सम्मानजनक वैश्विक रणनीति की आवश्यकता है।
