
क्षेत्रीय अस्पताल ऊना एक बार फिर अपने कार्यप्रणाली को लेकर सुर्खियों में आ गया है। ताजा मामला मंगलवार रात का है, जब अस्पताल में तैनात दो महिला स्टाफ नर्सों को शराब के नशे में धुत पाया गया। नशे की हालत में दोनों ने अस्पताल परिसर में ही उल्टियां कर दीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इनमें से एक नर्स मेडिकल वार्ड में, जबकि दूसरी सर्जिकल वार्ड में तैनात थी। बताया जा रहा है कि नशे की हालत में दोनों को अपनी ड्यूटी का कोई होश नहीं था, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में हड़कंप मच गया।सूत्रों के मुताबिक मामला तूल पकड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने स्थिति को संभाला। इसके बाद बुधवार सुबह एक स्थानीय जनप्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचे और काफी प्रयासों के बाद मामला शांत किया गया। यही कारण रहा कि यह मामला पुलिस तक नहीं पहुंच सका।
विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि यह मामला प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के संज्ञान में भी लाया गया, जिन्होंने अस्पताल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई। बताया जा रहा है कि इनमें से एक नर्स उपमंडल स्तरीय अस्पताल से प्रतिनियुक्ति पर ऊना अस्पताल में तैनात की गई थी, लेकिन इस घटना के बाद उसे पुनः मूल पदस्थापन पर भेज दिया गया है। वहीं, इस संदर्भ में अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एसके वर्मा से फोन पर बात करनी चाही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
विधायक सतपाल सिंह ने घटना को अत्यंत शर्मनाक बताया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का प्रशासन और विभागीय अधिकारियों पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। विधायक सत्ती ने इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने तथा दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा जनहित में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होगी।
