विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने आदेश जारी किए कि अब सत्र के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का एक वरिष्ठ अधिकारी भी दीर्घा में बैठेगा और प्राधिकरण से संबंधित पूछे गए प्रश्नों की लोक निर्माण मंत्री को ब्रीफिंग देता रहेगा। पठानिया ने कहा कि विधानसभा की उच्च स्तरीय समिति की बैठक में तय निर्णयों को अक्षरक्ष: लागू करना होगा। यदि कोई भी कोताही बरती गई तो उसे सदन की अवमानना माना जाएगा। अध्यक्ष ने भारी बारिश, बादल फटने से हो रहे नुकसान और सदस्यों की ओर से सदन में लगातार उठाए जा रहे विषयों का संज्ञान लिया।

कहा कि पिछले दिनों निर्णय लिया गया था कि वह स्वयं एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर सरकार, लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। वीरवार को बैठक में हर पहलू पर गंभीरता और गहनता से चर्चा की। केंद्र सरकार के अधीन विशेषकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी लोक निर्माण मंत्री और सचिव लोक निर्माण विभाग के साथ समन्वय बनाए रखेंगे। ये अधिकारी लोक निर्माण मंत्री और सचिव लोक निर्माण विभाग को रिपोर्ट करते रहेंगे।

पठानिया ने कहा कि फोर लेनिंग का कार्य 5 या 6 जिलों में चल रहा है, जिस कारण भूस्खलन भी हो रहा है और सड़कें अवरुद्ध रहीं। एनएचएआई इन राजमार्गों को जल्द बहाल किया जाए और लोगों के नुकसान को देखते हुए इसके लिए कोई ठोस नीति बनाने पर शीघ्र विचार करे।

पठानिया ने मुख्य सचिव को जल्द प्रथम चरण में उपमंडल से जिला मुख्यालय और फिर पंचायतों से जोड़ने वाली सड़कों की बहाली का कार्य तेजी से करने के लिए। प्रदेश पुलिस प्रमुख को जहां स्थिति खराब है, वहां अधिक से अधिक पुलिस बल तैनात करने के आदेश दिए, जिससे परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।

पठानिया ने कहा कि मणिमहेश यात्रा में फंसे तीर्थ यात्रियों में से कुल 3280 को सुरक्षित निकाला गया है। यात्रा में बीमार व्यक्तियों को हेलिकाप्टर के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। रात को 2:00 बजे तक सड़कों को बहाल करने का कार्य चला है।

पठानिया ने कहा कि यदि शुक्रवार को मौसम साफ हुआ तो वह सुबह 8 बजे स्थिति का जायजा लेने के लिए हेलिकाप्टर से मौके पर पहुंचेंगे और हर तरह की सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास करेंगे। मौसम खराब होने की स्थिति में वह 2:00 बजे शिमला से चंबा के लिए सड़क मार्ग से प्रस्थान करेंगे। सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए वह जिला प्रशासन को उचित दिशा–निर्देश देंगे और ग्राउंड जीरो पर स्थिति को स्वयं मॉनिटर करेंगे।