शिक्षक दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ शिमला में आयोजित किया गया। समारोह में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए, जबकि शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भी समारोह में मौजूद रहे। समारोह की शुरुआत शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने राज्यपाल व मंत्रियों का स्वागत कर की। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में 17,330 स्कूल संचालित हैं, जिनमें लगभग 14.25 लाख छात्र और 1.02 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ श्रेणियों में शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन नहीं आने के कारण चयन नहीं हो सका। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए।


सीएम शुक्रवार सुबह हेलिकाप्टर से आपदा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर रवाना हुए। वहीं प्रदेश में आई आपदा के मद्देनजर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने मंच से ही घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं सम्मान ग्रहण नहीं किया। उन्होंने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से कहा कि ऐसे समय में जब प्रदेश आपदा से जूझ रहा है, वे केवल कार्यक्रम में शामिल होकर शिक्षकों का मनोबल बढ़ाना चाहते हैं। प्रदेश में आई आपदा के चलते राज्यपाल ने सम्मानित होने से इन्कार किया। इस दाैरान मुख्य अतिथियों को सम्मानित करने की प्रक्रिया को भी रोका गया।


 राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में इस वर्ष कुल 38 शिक्षकों को पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  इस बार 26 स्कूल शिक्षकों, 6 कॉलेज शिक्षकों के अलावा छह तकनीकी शिक्षकों को भी राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार दिया गया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें प्रशस्तिपत्र, एक विशेष मेडल और नौकरी में एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया। इस बार पिछले वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता चंबा जिले के सुनील कुमार को भी राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में जिला सोलन के शिक्षक शशि पाल को 5 सितंबर को दिल्ली में समारोह में राष्ट्रपति की ओर से राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।