हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार सुबह राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत 20 इलेक्ट्रिक टैक्सियों को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने टैक्सियों के चालकों को चाबियां भी सौंपीं। इन टैक्सियों को सरकारी विभागों में लगाया गया है। सीएम सुक्खू ने कहा कि हमारी सरकार ने सरकारी कार्यालयों में डीजल वाली गाड़ियों को कम करने की दिशा में यह कदम उठाया है। इसके लिए राजीव गांधी ई-टैक्सी स्टार्टअप योजना शुरू की गई।

इसका मकसद यह था कि हिमाचल के पर्यावरण को बचाया जाए, हिमाचल के पर्यावरण के साथ कोई खिलवाड़ न हो, साथ ही वायु प्रदूषण को कम किया जा सके। इस योजना के तहत 80 बेरोजगार युवाओं को 50 फीसदी सब्सिडी पर ई-टैक्सी चलाने की मंजूरी दी गई। इसके लिए बैंक गारंटी भी नहीं देनी होगी। यह आश्वासन दिया गया कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों का हर महीने किराया मिलेगा। किराया गाड़ी की कीमत के आधार पर दिया जाएगा।

राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन का बुधवार को शिमला में राज्य महासम्मेलन हुआ। राज्य अतिथि गृह पीटरहॉफ में हुए महासम्मेलन के समापन समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस दाैरान उन्होनंे यूनियन की स्मारिका का भी विमोचन किया। दोपहर बाद प्रतिनिधि सत्र होगा। इसमें 1300 प्रतिनिधि भाग लेंगे। इसके बाद यूनियन के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। यूनियन के महासचिव हीरालाल वर्मा ने बताया कि यूनियन का गठन वर्ष 1971 में हुआ।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को आज यहां टीवीएस मोटर्स के वाईएस गुलेरिया ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए एक करोड़ रुपये का चेक भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह राशि संकट की घड़ी में जरूरतमंदों की मदद करने में मददगार साबित होगी। उन्होंने समाज के दानी सज्जनों और संपन्न वर्ग के लोगों से इस कोष में उदारतापूर्वक योगदान देने का आग्रह किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, विधायक हरदीप बावा, टीवीएस मोटर्स के प्रतिनिधि प्रसाद कृष्णन, वाई. वासुदेव और चमन लाल तथा बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ उद्योगपति संघ के महासचिव रजनीश विज भी उपस्थित थे।