शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के 21 अगस्त से शुरू होने वाले मानसून सत्र को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। विभाग ने सभी सरकारी कॉलेजों और संबंधित अधिकारियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। सत्र के दौरान विधानसभा से जुड़े कार्यों में किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था लागू की गई है।

उच्च शिक्षा निदेशक सुनीता सिंह की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, 20 अगस्त से विधानसभा सत्र समाप्त होने तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बिना पूर्व अनुमति अवकाश या सरकारी दौरे की अनुमति नहीं होगी। इतना ही नहीं, पहले से स्वीकृत छुट्टियां और दौरे भी निरस्त माने जाएंगे। केवल विशेष या आपात स्थिति में ही निदेशक की पूर्व अनुमति से छूट मिल सकेगी।

विभाग ने सभी सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों और उपनिदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अवधि के दौरान मुख्यालय में उपस्थित रहें और विधानसभा से जुड़े प्रश्नों व सूचनाओं का समयबद्ध जवाब सुनिश्चित करें। हर संस्थान में कम से कम दो वरिष्ठ अधिकारियों को विधानसभा कार्य के लिए नामित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।इसके अलावा सभी कार्यालयों के लैंडलाइन और अधिकारियों के मोबाइल फोन हर समय चालू रखने के आदेश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर अधिकारियों की ड्यूटी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक लगाई जा सकती है। प्रशासनिक जरूरत के अनुसार रविवार और अन्य सरकारी अवकाश के दिनों में भी कार्यालय आना पड़ सकता है।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का 14वीं विधानसभा का 12वां मानसून सत्र 21 अगस्त से 3 सितंबर तक प्रस्तावित है। इस दौरान विधानसभा से संबंधित सभी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने यह सख्त कदम उठाया हैl

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