कुछ वर्ष पहले तक हिमाचल प्रदेश में निवेश का मतलब फिक्स्ड डिपॉजिट, डाकघर की बचत योजना, सोना या जमीन था। शेयर बाजार को जोखिम भरी दुनिया माना जाता था और आम परिवार खासकर महिलाएं, उससे दूरी बनाकर रखती थीं। अब तस्वीर तेजी से बदल रही है।

मोबाइल फोन की स्क्रीन पर खुलते ट्रेडिंग ऐप, यूपीआई से जुड़ा बैंक खाता और इंटरनेट की आसान पहुंच ने हिमाचल की महिलाओं को निवेश की नई दुनिया से जोड़ दिया है। अब पहाड़ की बेटियां केवल घर का बजट नहीं संभाल रहीं, बल्कि शेयर बाजार में निवेश कर आर्थिक फैसलों में भी अपनी भूमिका मजबूत कर रही हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की 2026 मार्केट पल्स रिपोर्ट इसी बदलाव की कहानी कहती है। रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2026 तक हिमाचल प्रदेश में 15.63 लाख यूनिक निवेशक दर्ज किए गए हैं। इनमें करीब 2.57 लाख महिलाएं शामिल हैं।