राज्य लोक सेवा आयोग ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा की संयुक्त परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। मेघा सिंह कंवर ने एचएएस परीक्षा में टॉप किया है। एचएएस के दो पदों के लिए परीक्षा हुई थी। एक पद रिक्त रह गया है। आंचल कुमारी और अभिषेक कपूर एचपीएस (पुलिस सेवा) अधिकारी बने हैं। मंगलवार देर शाम जारी परिणाम के तहत आठ बीडीओ, नौ तहसीलदार, दो जिला नियंत्रक और आठ सहायक आयुक्त एक्साइज भी चुने गए हैं।

परिणाम के अनुसार विकास वर्मा, सौरभ ठाकुर, रोहित चौहान, मनोज कुमार, मनीष राय, आस्था पवार, प्रतिमा मन्हास और भारतेंद्र सिंह का चयन ग्रामीण विकास विभाग के तहत बीडीओ पद पर हुआ है। वहीं, खाद्य आपूर्ति विभाग में जिला नियंत्रक पद के लिए आंचल कुमारी व शीतल को चुना गया है। राजस्व विभाग में तहसीलदार पद पर अंकित शर्मा, लोकेंद्र पाल, अरुण कुमार सांख्यान, दिव्या ज्योति कटोच, अनुज शर्मा, मैत्री भारद्वाज, जीवन लाल, आकृति और आकाश शर्मा का चयन हुआ है। 

इसके अतिरिक्त कर एवं आबकारी विभाग में इशान जमालटा, विक्रांत पांडे, अभिषेक शर्मा, नितेश कुमार, रोहित राणा, शिवम चौहान, रजनीश ठाकुर और अमन भारती को सहायक आयुक्त के पद के लिए चुना गया है। 


गरीब परिवार से संबंध रखने वाले लोकेंद्र पाल तहसीलदार बने हैं। वह मौजूदा समय में वह लेबर मिनिस्ट्री में ईओ तैनात हैं। वह नौकरी के साथ लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं। इससे लोक निर्माण विभाग में जेई पड़ पर सेवाएं दे चुके हैं। कड़ी मेहनत के दम पर उन्होंने कई प्रतियोगी परीक्षाएं पास की, लेकिन अच्छे पद की चाह में उन्होंने नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखी और अब हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक परीक्षा पास की है।

सुंदरनगर की ग्राम पंचायत रोहांडा के गांव मझार निवासी फौज से सेवानिवृत्त हवलदार अनंत राम के बेटे मनोज ने हिमाचल प्रशासनिक सेवा (एचएएस) परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। मनोज ने लगातार पांच प्रयासों के बाद यह सफलता हासिल की है और इस परीक्षा में 17वां स्थान प्राप्त किया है। एचएएस में चयन के बाद वह खंड विकास अधिकारी के पद पर नियुक्त होंगे।

मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले मनोज के पिता अनंत राम फौज से सेवानिवृत्त हवलदार हैं, जबकि उनकी माता शकुंतला गृहणी हैं। मनोज की प्रारंभिक शिक्षा राजकीय प्राथमिक स्कूल ओखल से हुई। इसके बाद उन्होंने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रोहांडा से दसवीं और महावीर स्कूल सुंदरनगर से 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने शिमला स्थित यूआईआईटी से बीटेक किया और बाद में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से मार्केटिंग एंड फाइनेंस में एमबीए की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद मनोज ने एचएएस परीक्षा की तैयारी शुरू की और निरंतर प्रयास जारी रखे। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन चार से छह घंटे नियमित अध्ययन करते थे। खास बात यह है कि चार महीने पहले ही उन्होंने एलाइड सर्विसेज की परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी और उद्योग विभाग में प्रसार अधिकारी के पद पर चयनित हुए थे। मनोज ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और अपने गुरुओं को दिया है।