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सेहतमंद बताकर बेचे जा रहे मिलेट्स फूड पर सवाल, IGMC शिमला के शोध में सामने आई अहम बात

शिमला। मोटा अनाज यानी मिलेट्स सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन बाजार में मिलेट्स के नाम पर बिकने वाले चिप्स, कुरकुरे, बिस्कुट और नूडल्स कितने पौष्टिक हैं? इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGMC) शिमला के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के शोधपत्र में इस विषय से जुड़े कई अहम पहलुओं को सामने रखा गया है।

शोधपत्र के अनुसार, मोटे अनाज को अत्यधिक प्रोसेस करके रेडी-टू-ईट उत्पाद बनाने के दौरान उसके कई जरूरी पोषक तत्व कम हो सकते हैं। ऐसे उत्पादों को स्वास्थ्यवर्धक बताकर बाजार में बेचा जा रहा है, जबकि उनकी वास्तविक पोषण गुणवत्ता को समझना जरूरी है।

प्रोसेसिंग से फाइबर और मिनरल पर पड़ सकता है असर

शोध में बताया गया है कि मोटे अनाज से तैयार कुछ पैकेटबंद खाद्य पदार्थों को बनाने के दौरान कई तरह की मशीनरी और औद्योगिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया जाता है। स्वाद और रंग बढ़ाने के लिए कुछ उत्पादों में पाम ऑयल और कृत्रिम फ्लेवर भी मिलाए जाते हैं।

अनाज की बाहरी परत, चोकर और अंकुर को हटाने या उसकी पॉलिशिंग करने से प्राकृतिक फाइबर, मिनरल और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा घट सकती है। इससे उत्पाद की पोषण गुणवत्ता प्रभावित होती है।

प्राकृतिक मोटा अनाज क्यों माना जाता है बेहतर?

मोटे अनाज में फाइबर, आयरन, कैल्शियम और दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं। बाजरा, ज्वार, रागी और कंगनी जैसे अनाज को कम प्रोसेस किए हुए प्राकृतिक रूप में या इनके आटे और दलिया के रूप में भोजन में शामिल करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

डाइटिशियन नेहा शर्मा के अनुसार, मोटे अनाज की अत्यधिक प्रोसेसिंग से फाइबर कम और शुगर की मात्रा अधिक हो सकती है। ऐसे खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन मोटापे और अन्य दीर्घकालिक बीमारियों के जोखिम से जुड़ सकता है।

IGMC शिमला के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. अमित सचदेवा ने भी मोटे अनाज से बने अत्यधिक प्रोसेस्ड और महंगे पैकेटबंद उत्पादों को लेकर सावधानी बरतने की बात कही है।

पैकेट खरीदते समय इन बातों पर दें ध्यान

मिलेट्स से बना हर उत्पाद पोषण के लिहाज से एक जैसा नहीं होता। इसलिए खरीदारी करते समय पैकेट पर दी गई सामग्री, फाइबर, शुगर, फैट और अन्य पोषक तत्वों की जानकारी जरूर पढ़ें। केवल ‘हेल्दी’ या ‘मिलेट्स’ लिखा होने से किसी उत्पाद को अपने आप पौष्टिक नहीं मानना चाहिए।

ध्यान रहे कि इस शोध का मुख्य संदेश अत्यधिक प्रोसेसिंग और अनाज की पॉलिशिंग से पोषण में होने वाली संभावित कमी को समझना है। इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी मिलेट्स से बने चिप्स या नूडल्स में पोषक तत्व पूरी तरह गायब होते हैं। उत्पाद की वास्तविक गुणवत्ता उसकी सामग्री और निर्माण प्रक्रिया पर निर्भर करती है।