शैक्षणिक सत्र 2026-27 की किताबों को छापने में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने असमर्थता जताई है। बोर्ड ने यह असमर्थता शिक्षा निदेशालय के पास बोर्ड के फंसे करीब 60-70 करोड़ रुपये का भुगतान न होने के चलते जताई गई है। इन पैसों को मांगने के लिए बोर्ड ने पत्र भी भेजा है। सूत्रों की मानें तो बोर्ड के पास फंसी इस राशि में किताबों को वितरित करने का ही करीब 50 से 60 करोड़ रुपये फंसा है। इसके अलावा बोर्ड की ओर से तीसरी, 5वीं, 8वीं, 9वीं और 11वीं कक्षा के प्रश्नपत्र भी उपलब्ध करवाता है। इन प्रश्नपत्रों का भी 8 से 9 करोड़ रुपये तक का भुगतान बाकी है। शिक्षा विभाग से यह धनराशि न मिलने के कारण बोर्ड प्रबंधन के कई भुगतान रुक गए हैं, जिसमें शिक्षकों को पेपरों के पैसे भी शामिल हैं। बोर्ड की ओर से छात्र हित में शुरू की जाने वाली कई योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं। इस संदर्भ में स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने कहा कि शिक्षा निदेशालय को पत्र लिखकर पैसों की मांग की गई है।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील शर्मा का कहना है कि शिक्षा विभाग को बोर्ड का रुका हुआ पैसा जारी करना चाहिए। पैसा न बोर्ड प्रबंधन में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि फंड की कमी से बोर्ड के छात्र और कर्मचारी हित में किए जाने वाले कार्य रुक गए हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग से जल्द पैसा जारी करने की मांग की है।

 प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राज्य मुक्त विद्यालय (एसओएस) का वार्षिक कैलेंडर 2026 जारी कर दिया है। बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि मार्च 2026 परीक्षा सत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया 10 अक्तूबर से 10 नवंबर 2025 तक बिना विलंब शुल्क चलेगी। इसके बाद विद्यार्थी 11 नवंबर से 11 दिसंबर तक 1000 रुपये विलंब शुल्क, जबकि 12 से 31 दिसंबर तक 2000 रुपये विलंब शुल्क के साथ आवेदन कर सकेंगे। इसी तरह, पीसीपी (पर्सनल कॉन्टेक्ट प्रोग्राम) कक्षाएं जनवरी से फरवरी 2026 के बीच होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय पर सभी दस्तावेज और शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा, अन्यथा संबंधित अध्ययन केंद्रों का पीसीपी भुगतान रोक दिया जाएगा। सितंबर 2026 परीक्षा सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया अप्रैल से जुलाई 2026 तक चलेगी। बिना विलंब शुल्क आवेदन की अंतिम तिथि 11 मई 2026 रखी गई है, जबकि 12 मई से 30 जून 2026 तक विलंब शुल्क के साथ फार्म भरे जा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि सभी अध्ययन केंद्रों को हर वर्ष 31 मार्च तक नवीनीकरण शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। समय पर शुल्क जमा न करने पर उनकी ऑनलाइन सेवाएं निलंबित कर दी जाएंगी। नए अध्ययन केंद्र खोलने और पुराने केंद्रों के नवीनीकरण की समय सीमा और शुल्क संबंधी विवरण भी कैलेंडर में स्पष्ट कर दिए गए हैं। सरकारी और निजी स्कूलों में एसओएस का सेंटर खोलने के लिए 1 अगस्त से 31 अगस्त तक स्टडी सेंटर बनाने के लिए सिर्फ फीस वसूली जाएगी। 1 से 15 सितंबर तक नए सेंटर के लिए आवेदन करने वाले संस्थानों को 10 हजार रुपये लेट फीस देनी होगी, जबकि एसओएस के अध्ययन केंद्रों का हर वर्ष 31 मार्च तक करवाना जरूरी होगा। वहीं सितंबर में होने वाली परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थी 11 अप्रैल से 11 मई तक आवेदन कर सकेंगे। डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने कहा कि अलग से कोई अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी।