हिमाचल प्रदेश सचिवालय में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सरकार ने आचार-व्यवहार, पहनावे और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि सरकारी कर्मचारी कार्यालय और अदालतों में मर्यादित, औपचारिक और सादे रंगों के कपड़े पहनें। कैजुअल और पार्टी ड्रेस को पूरी तरह से अनुचित माना गया है।

सर्कुलर में कहा गया है कि सरकारी सेवकों का आचरण केवल कार्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियां भी सेवा नियमों के दायरे में आएंगी। किसी भी सरकारी नीति या मुद्दे पर अनधिकृत टिप्पणी, पोस्ट, स्टोरी या ब्लॉग साझा करना अनुशासनहीनता माना जाएगा। हाल के दिनों में यह देखा गया है कि कई कर्मचारी विभागीय निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं कर रहे हैं।

इसी को देखते हुए सभी विभागाध्यक्षों और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों, यहां तक कि प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारियों-कर्मचारियों को भी इन नियमों से अवगत कराएं और उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। सरकार ने केंद्रीय सिविल सेवा आचरण नियम 1964 का हवाला देते हुए कहा है कि सरकारी कर्मचारी ऐसा कोई कार्य नहीं कर सकते, जो सरकारी सेवक के अनुरूप न हो। नियमों के अनुसार कर्मचारी ऐसी सार्वजनिक टिप्पणी, बयान या अभिव्यक्ति नहीं कर सकते, जिससे सरकार की नीतियों की आलोचना हो या सरकार की छवि प्रभावित हो। कर्मचारी बिना अनुमति आधिकारिक दस्तावेज या उससे जुड़ी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं कर सकता।

ड्रेस और व्यवहार में दिखे पेशेवर छवि, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
राज्य सरकार ने स्पष्ट कहा है कि राज सचिवालय जैसे संवेदनशील प्रशासनिक संस्थान में कर्मचारियों का पहनावा और व्यवहार गरिमामय, शालीन और पेशेवर होना चाहिए। कर्मचारियों का आचरण सरकार की कार्य संस्कृति और  प्रशासनिक अनुशासन को प्रतिबिंबित करता है। यदि कोई कर्मचारी इन निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया  तो उसके खिलाफ सेवा नियमों और नियुक्ति शर्तों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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