
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बीएड पाठ्यक्रम की वार्षिक परीक्षाएं इस सत्र में तय समय पर नहीं हो पाएंगी। दाखिला प्रक्रिया और काउंसलिंग में हुई देरी के कारण कक्षाएं करीब दो महीने देर से शुरू हुई जिसका सीधा असर परीक्षा कार्यक्रम पर पड़ा है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब अकादमिक स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक कर नया परीक्षा शेड्यूल जारी करने की तैयारी में है जिसमें अप्रैल माह में परीक्षाएं आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है। विश्वविद्यालय की बीएड में प्रवेश प्रक्रिया समय पर पूरी न होने से न्यूनतम शिक्षण अवधि पूरी करना चुनौती बन गया है।
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के मानकों के अनुसार निर्धारित अध्यापन दिवस पूरे करना अनिवार्य है। ऐसे में परीक्षा तिथियों को आगे खिसकाना मजबूरी बन गया है। इस सत्र में बीएड की काउंसलिंग कई चरणों में कराई गई इसके बावजूद काफी संख्या में सीटें खाली रह गईं। कुछ कॉलेजों में नामांकन देर से पूरा होने के कारण नियमित कक्षाएं दिसंबर-जनवरी में जाकर शुरू हो सकीं। इससे पहले बीएड सत्र में कक्षाएं अक्बतूबर तक आरंभ हो जाती थी। परीक्षा शाखा के अधिकारियों का कहना है कि छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए ही परीक्षा तिथियां तय की जाएंगी, ताकि पाठ्यक्रम पूरा कराया जा सके। जल्द ही विश्वविद्यालय स्तर पर बैठक कर बीएड प्रथम व द्वितीय वर्ष का विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम अधिसूचित किया जाएगा। उधर, विद्यार्थियों में परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। विद्यार्थियों का कहना है कि समय पर शेड्यूल घोषित न होने से आगे की शैक्षणिक और रोजगार संबंधी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने प्रभाकर, प्राक शास्त्री प्रथम व द्वितीय वर्ष और आचार्य प्रथम व द्वितीय वर्ष की वार्षिक परीक्षाओं का शेड्यूल घोषित कर दिया है। एचपीयू की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार परीक्षाएं मार्च और अप्रैल में होंगी। विश्वविद्यालय ने निर्देश दिए है कि संबंधित परीक्षाओं के लिए परीक्षा फार्म और निर्धारित शुल्क 15 जनवरी तक जमा करवाना अनिवार्य होगा। निर्धारित तिथि के बाद आवेदन करने पर विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार विलंब शुल्क लिया जाएगा। परीक्षा फार्म विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। छात्र-छात्राएं समय रहते ऑनलाइन फार्म भरकर शुल्क जमा करवाएं ताकि बाद में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
