
पंचायतीराज संस्थाओं चुनावों को लेकर उम्मीदवारों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने पंचायतीराज विभाग के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सिक्योरिटी राशि (जमानत राशि) बढ़ाने की बात कही गई थी। सरकार के इस फैसले के बाद अब पूर्व की तरह ही सिक्योरिटी राशि लागू रहेगी।
पंचायतीराज विभाग ने हाल ही में एक प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा था, जिसमें उम्मीदवारों की सिक्योरिटी राशि को पांच से दस फीसदी तक बढ़ाने का सुझाव दिया था। विभाग का तर्क था कि लंबे समय से सिक्योरिटी राशि में कोई संशोधन नहीं हुआ है, ऐसे में इसे वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप बढ़ाया जाना चाहिए। सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी और पुरानी व्यवस्था को ही बरकरार रखने का निर्णय लिया।
सरकार के इस फैसले से खासकर उन उम्मीदवारों को राहत मिलेगी, जो सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद चुनावी प्रक्रिया में भाग लेना चाहते हैं। यदि सिक्योरिटी राशि बढ़ाई जाती, तो उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 31 मई से पहले पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव होने हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। अब आयोग की तरफ से चुनाव का शेड्यूल जारी किया जाना है।
मौजूदा प्रावधानों के तहत पंचायत सदस्य के लिए सिक्योरिटी राशि 100 रुपये, प्रधान और उपप्रधान पद के उम्मीदवारों के लिए 150 रुपये रखी गई है। पंचायत समिति सदस्य के लिए 150 और जिला परिषद सदस्य के लिए 200 रुपये रहेगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए इन निर्धारित राशियों में 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान है।
कल जारी हो सकता है पंचायत चुनाव का शेड्यूल
हिमाचल प्रदेश में इस बार पंचायत चुनाव एक नए बदलाव के साथ आयोजित किए जा रहे हैं। पहली बार लाहौल-स्पीति और केलांग क्षेत्र में भी प्रदेश के अन्य जिलों के साथ एक ही समय पर पंचायत चुनाव होंगे। अब तक इन बर्फीले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते अलग से चुनाव प्रक्रिया अपनाई जाती थी, लेकिन इस बार राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी क्षेत्रों में एक साथ चुनाव कराने का निर्णय लिया है।
प्रदेश के जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के कारण संपर्क मार्ग बंद हो जाते हैं, जिससे चुनाव कराना चुनौतीपूर्ण होता था। यही कारण था कि लाहौल-स्पीति में पंचायत चुनाव अलग समय पर आयोजित किए जाते थे। हालांकि इस बार प्रशासन ने मौसम, संसाधनों और लॉजिस्टिक्स को ध्यान में रखते हुए बेहतर योजना बनाई है, ताकि इन क्षेत्रों को भी मुख्यधारा की चुनाव प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। वहीं, पंचायत चुनावों के लिए आज अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसके बाद 28 अप्रैल को चुनाव कार्यक्रम (शेड्यूल) घोषित किया जा सकता है। प्रशासन ने सभी जिलों को तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पंचायत चुनाव को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
