हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन परियोजना में मिली गंभीर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच के निर्देश जारी किए हैं। अवर सचिव हेमराज शर्मा ने प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग शिमला-2 को निर्देश दिया है कि परियोजना में दर्ज सभी अनियमितताओं और अधूरे कार्यों की शिकायत की तुरंत छानबीन कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट विभाग को भेजी जाए। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजकर फोरलेन निर्माण कार्यों में कई गंभीर खामियों की जानकारी दी थी।

शिकायत में मुख्य रूप से लिखा गया था कि सड़क के दोनों ओर मलबे के बड़े ढेर लगे हैं, जिससे जल निकासी प्रभावित हो रही है। अधूरी रिटेनिंग वाॅल और ब्रेस्ट वाॅल, जल निकासी के लिए बनाई गई नालियां मलबे से बंद हो चुकी हैं। कलवर्ट, पुल, पुलिया और चेंबर अधूरे बने हुए हैं। स्ट्रीट लाइट, स्टील बेरिकेड्स, फुटपाथ और फुटब्रिज अधूरी स्थिति में हैं। सड़क के किनारे निर्माण किए जा रहे काऊ शेड बिना नियोजन के बने हैं। परियोजना क्षेत्र में निजी लोगों को गैरकानूनी तरीके से भूमि हस्तांतरण, परियोजना निदेशक मंडी की ओर से भूमि अधिग्रहण और रजिस्ट्री से जुड़ी अनियमितताएं, राजस्व कर्मियों के कार्यकाल विस्तार में लगातार देरी और प्रक्रियाओं में अनियमितताओं की भी शिकायत है।

अवर सचिव ने कहा है कि इन सभी शिकायतों और संदिग्ध गतिविधियों की गहन छानबीन की जाए। अधूरे और गैरकानूनी निर्माण कार्यों को तुरंत रोका जाए। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्यों की स्थिति, दोषपूर्ण निर्माण और गैरकानूनी भूमि हस्तांतरण की रिपोर्ट बनाकर शीघ्र प्रस्तुत करें। इससे साफ है कि लोक निर्माण विभाग अब सड़क परियोजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीर कदम उठा रहा है। साथ ही विभाग ने यह भी कहा है कि भविष्य में इस तरह की लापरवाह निर्माण गतिविधियों को कड़ाई से रोका जाएगा। अवर सचिव लोक निर्माण विभाग हेमराज शर्मा ने कहा कि उन्हें इसकी शिकायत मिली थी जिसके बाद छानबीन के निर्देश दिए गए हैं।