पंडोह/नगवाईं (मंडी)। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे की स्थिति भूस्खलन से बिगड़ती जा रही है। मंगलवार रात करीब 8:00 बजे से नौ मील, जोगणी मोड़ और दवाड़ा में ठप एनएच बुधवार देर शाम तक बहाल नहीं हो पाया। ऐसे में टनलों में ही वाहन फंसे रहे। करीब 150 छोटे-बड़े वाहनों में सैकड़ों यात्रियों फंसे रहे। टनल में ही इन्हें रात गुजारनी पड़ी। स्थिति यह रही कि आगे दवाड़ा फ्लाईओवर व पीछे जोगणी मोड़ पर एनएच बाधित रहा। ऐसे में वाहन दोनों तरफ से फंसे गए। बुधवार शाम को जोगणी मोड़ के पास एनएच बहाल होने पर छोटे वाहन पीछे भेजे गए।

दवाड़ा फ्लाईओवर को भी भारी नुकसान पहुंचा है। यहां गडर तक को नुकसान होना सामने आ रहा है। इससे अब फ्लाईओवर से आवाजाही मरम्मत के बाद ही संभव हो पाएगी। यह एक और चुनौती अब एनएचअएआई के सामने आ गई है। दवाड़ा फ्लाईओवर की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बुधवार सुबह के समय भी यहां चट्टानें गिरती रहीं, जिससे फ्लाईओवर की संरचना को भारी नुकसान हुआ है और उसमें दरारें आ गई हैं। फ्लाईओवर के नीचे गिरी चट्टानों को हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

मंगलवार रातभर हुई मूसलाधार बारिश के चलते मंडी से पंडोह तक नेशनल हाईवे बुधवार तड़के बंद हुआ। सबसे अधिक खतरा नौ मील के पास देखा गया, जहां पहाड़ी से लगातार मलबा, पत्थर और दलदल सड़क पर आता रहा। पुलिस प्रशासन और मशीनरी के प्रयासों के बाद सुबह 10 बजे के आसपास हाईवे को अस्थायी रूप से बहाल किया गया। हालांकि अब मंडी से पंडोह तक का ट्रैफिक सुचारु है लेकिन पंडोह डैम से आगे जोगणी मोड़ पर बुधवार सुबह 10 बजे एक बार फिर भारी भूस्खलन हुआ जिससे पंडोह से औट तक मार्ग बाधित हो गया है।
उधर, पंडोह पुलिस चौकी प्रभारी अनिल कटोच ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार मौके पर डटी हुई हैं। यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है।

फंसे यात्रियों को बांटी खाद्य सामग्री, भूख से बेहाल बच्चों को दिया दूध
चंडीगढ़-मनाली फोरलेन निर्माण में लगी एफकोन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की टीम ने मंगलवार रात करीब 2:00 बजे टनल में फंसे भूख-प्यासे लोगों को खाद्य सामग्री बांटी। कंपनी के इंजीनियर विश्वा शर्मा अपनी टीम के साथ राहत का सामान लेकर खुद मौके पर पहुंचे और यात्रियों को खाद्य सामग्री व पानी बांटा। बीते मंगलवार शाम लगभग सात बजे दवाड़ा फ्लाईओवर के नीचे तेल टैंकर पर पहाड़ी से चट्टानें गिरने के कारण ट्रैफिक रोकना पड़ा था। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंडी से आ रही गाड़ियों को दवाड़ा और हणोगी टनल में ही रोक दिया गया। कुल्लू की तरफ से आ रही गाड़ियों को औट और पनारसा फोरलेन पर रोका गया। सुरंगों में फंसे यात्रियों के पास न तो पीने का पानी था और न ही खाने का कोई इंतजाम। टीम ने गाड़ी में 30 लीटर अमूल दूध, 150 बिस्किट, 150 नमकीन, 100 क्रीम रोल, 100 चिप्स और 10 लीटर ताजा दूध और 100 पानी की बोतल डालकर खुद सुरंगों में जाकर लोगों में राहत सामग्री बांटी। छोटे बच्चे भूख और रोने से बेहाल हो गए थे। मदद पाने वाले यात्रियों ने नम आंखों से टीम का शुक्रिया अदा किया।
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दवाड़ा फ्लाईओवर को भूस्खलन के साथ आई बड़ी चट्टानों से भारी नुकसान पहुंचा है। सुरक्षा जांच में हर पहलू को जांचा जाएगा और जरूरत के अनुसार कार्य करवाया जाएगा। मरम्मत के बाद ही फ्लाईओवर बहाल किया जा सकेगा।

-वरुण चारी, परियोजना निदेशक एनएचएआई मंडी इकाई