हमीरपुर। जिले के सभी इलाकों में पिछले तीन दिन से लगातार जारी बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है। मटमैला पानी आने से जल शक्ति विभाग की 109 पेयजल स्कीम ठप हो गई हैं।

मटमैले पानी के चलते सोमवार रात और मंगलवार दिन को इस योजनाओं से पानी लिफ्ट नहीं किया जा सका है। ऐसे में दो लाख के करीब आबादी प्रभावित हो गई है। कुल पचास हजार से अधिक परिवारों को मंगलवार को पानी नहीं मिला है। इन्हें बुधवार को भी पानी की सप्लाई होने की संभावना कम ही है। हालांकि मंगलवार रात को पानी में गाद कम होने पर पानी लिफ्टिंग होगी तो पानी की सप्लाई बुधवार दोपहर अथवा शाम तक हो सकती है।

जिला की शहरी पेजयल योजनाएं फिलहाल चालू हैं। इसके बावजूद जिले में 50 हजार से अधिक परिवारों को पानी की सप्लाई नहीं मिली है। प्रभावित योजनाओं में अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र के हैं। इनमें नादौन की बड़ा-चौड़ू, नौहंगी-भूंपल, रैल, साई मतवाल शामिल हैं।

प्रभावित क्षेत्रों में अन्य वैकल्पिक योजनाओं से पानी की सप्लाई की जा रही है। दर्जनों गांवों में दूसरे से तीसरे दिन सप्लाई पहुंच रही है।

वहीं, सुजानपुर-नादौन सड़क मार्ग सहित चार अन्य मार्ग सुबह भूस्खलन होने से बंद हो गए। दोपहर तक इन सड़क मार्गों को बहाल कर लिया गया। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों की संपर्क सड़कें बाधित होने से जिले में यातायात दिक्कतें लगातार जारी हैं। सुबह 9:00 बजे के करीब जीहण के समीप भूस्खलन होने से यह मार्ग करीब दो घंटे बंद रहा।

रविवार और सोमवार को बिजली बोर्ड के करीब 51 खंभे टूट गए। इस कारण बिजली सेवा बाधित हुई। हालांकि अधिकतर क्षेत्रों में बिजली की सप्लाई बहाल कर दी गई है। इसके अलावा एचआरटीसी के करीब 18 रूट प्रभावित हैं। ग्रामीण रूट की कई बसें फंसी हुई हैं।

उपायुक्त एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने बताया कि गत दो दिनों के दौरान ही सरकारी और निजी संपत्ति को लगभग 20 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है। इसके साथ ही मानसून सीजन के दौरान अभी तक हुए कुल नुकसान का आंकड़ा 164 करोड़ को भी पार कर गया है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला कैडहरू का भवन भी मलबे की चपेट में आ गया। उपायुक्त ने बताया कि सभी विभागों के फील्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में हुए नुकसान की रिपोर्ट तुरंत भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावित लोगों की मदद की जा सके।

कुल्लू और मंडी जिले में भी लगातार भारी बारिश के कारण ब्यास नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है। पंडोह बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति में ब्यास का जल स्तर और भी बढ़ सकता है। इसलिए, सुजानपुर और नादौन उपमंडल में ब्यास नदी के साथ लगते इलाकों के लोग उफनती नदी के पास न जाएं। उपायुक्त ने बताया कि अन्य क्षेत्रों के लोग भी नदी-नालों और खड्डों से दूर रहें। भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों से भी दूर रहें। भारी बारिश में घर से बाहर निकलने का जोखिम न उठाएं।

प्रभावित क्षेत्रों में पानी की वैकल्पिक आपूर्ति के प्रयास किए जा रहे हैं। 109 पेयजल योजनाओं के तहत करीब दो लाख आबादी प्रभावित हुई है। प्रभावितों को वैकल्पिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं। रात अथवा बुधवार सुबह पानी लिफ्ट होता है तो बुधवार दोपहर अथवा शाम तक जलापूर्ति देने का प्रयास रहेगा। शहरी क्षेत्र की सभी पेयजल योजनाएं चालू हैं।-नीरल भोगल, एसई जल शक्ति वृत हमीरपुर