बच्चों में खून की कमी को पूरा करने के लिए आयरन फोलिक एसिड गोलियां खिलाई जाती हैं। 2023 में छह से 12 साल तक के बच्चों को 3,59,892, 2024 में 1,63,436 और जुलाई 2025 तक 1,58,038 गोलियां खिलाई गई हैं। वहीं, 2023 में 13 से 19 साल के बच्चों को 3,13,300, 2024 में 3,02,900 आयरन फोलिक एसिड गोलियां बांटी गईं। वहीं, 2025 जुलाई तक 1,82,559 गोलियां बच्चों को खिलाई जा चुकी हैं।

रक्त की कमी से बच्चों में कई बीमारियां हो सकती हैं। खून की कमी की वजह से बच्चों में होने वाले एनीमिया बीमारी की रोकथाम के लिए साप्ताहिक आयरन फोलिक एसिड कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को विभिन्न कार्यक्रमों के तहत आयरन की गोलियां खिलाई जाती हैं।
गौर हो कि लड़कों में न्यूनतम 12 ग्राम खून होना चाहिए। संतुलित आहार न खाने से खासकर लड़कियों में खून की मात्रा कम हो जाती है। लड़कियों में खून की न्यूनतम मात्रा 12 से 14 ग्राम होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से छात्राओं को हरी सब्जी और संतुलित आहार का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

गर्भवती महिलाओं में अक्सर खून की कमी पाई जाती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन्हें भी समय-समय पर आयरन की दवाइयां दी जाती हैं। 2023 में स्वास्थ्य खंड टौणी देवी के तहत गर्भवती महिलाओं को 2,07,540 आयरन की गोलियां दी गईं। वहीं, 2024 में 1,98,180 और जुलाई 2025 तक करीब 76,140 आयरन की दवाइयां गर्भवती महिलाओं को बांटी गई हैं। खून की कमी के कारण गर्भवती महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से खून की कमी को दूर करने के लिए आयरन की गोलियां दी जाती हैं। स्वास्थ्य खंड टौणी देवी में ढाई सालों में छह से 19 सालों के बच्चों को करीब 14,80,125 आयरन फोलिक एसिड गोलियां खिलाई गई हैं।
-डॉ. रमेश रत्तू, बीएमओ, टौणी देवी