जर्जर भवन, कमरों में बड़ी-बड़ी दरारें और सीलन के बीच नौनिहाल पढ़ाई करने को मजबूर हैं। यह हाल है हिमाचल प्रदेश की   राजधानी शिमला के राजकीय प्राथमिक स्कूल रुल्दूभट्ठा का। शिव मंदिर के पास 35 साल पहले बने तीन मंजिला भवन के गिरने का खतरा बना हुआ है। स्कूल नगर निगम के भवन में चल रहा है। यहां पहली से पांचवीं तक 34 और प्री नर्सरी में 12 बच्चे पढ़ रहे हैं। आपदा की स्थिति में यहां कोई आपातकालीन मार्ग भी नहीं है। यह स्कूल दो मंजिलों में चल रहा है, जिसमें एक मंजिल पर मिड डे मील का भोजन पकता है और ऊपर वाली मंजिल पर दो कमरों में छात्रों की कक्षाएं चल रही हैं।

एक कमरे में चार कक्षाएं और दूसरे कमरे में चौथी व पांचवीं के बच्चे पढ़ रहे हैं। जिन कमरों में छात्र पढ़ाए जा रहे हैं, उसकी दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें हैं। दूसरी मंजिल की दीवारों से पानी का रिसाव सबसे निचली मंजिल के कमरे में हो रहा है। सीलन के कारण दीवारों का प्लास्टर भी उखड़ रहा है। कई जगह इतनी गहरी दरारें है कि दीवार कभी भी गिर सकती है। नगर निगम के इस भवन के सबसे निचले कमरे में राशन डिपो चल रहा है। जिस कमरे में छात्रों के लिए मिड-डे मील पकाया जाता है, उसकी दीवारों में भारी सीलन है, जिसका पानी फर्श पर आ रहा है। उधर, प्राथमिक स्कूल के मुख्याध्यापिका मीना देवी ने माना कि स्कूल भवन में दारारें हैं और छात्रों को खतरा है। विभाग को लिखित जानकारी दे दी है।

उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा निशा भलूनी ने बताया कि वह मौके का दौरा करेंगी और समस्या का जल्द ही समाधान होगा। शिमला खंड शिक्षा अधिकारी माधुरी गैरा ने बताया कि स्कूल की ओर से इस बारे में सूचना मिल चुकी है।